अब गर्मी में परेशानी नहीं राहत देगा हेलमेट, सुरक्षा संग कीमत कम
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भारत में हर दिन सड़क हादसों में साढ़े तीन सौ से अधिक लोगों की मौत हो जाती है और इसमें से ज्यादातर दो पहिया वाहन चालक होते हैं। मौत की इस संख्या को कम किया जा सकता है यदि दो पहिया वाहन चालक अच्छी क्वालिटी का हेलमेट पहनें।
देश में हल्की, अच्छी क्वालिटी और मौसम के अनुकूल हेलमेट नहीं है। इसलिए एम्स और ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञों ने भारत के लिए वेदर फ्रेंडली हेलमेट तैयार करने का निर्णय लिया है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. एमसी मिश्रा ने कहा कि भारत में गर्मी बहुत पड़ती है। इसलिए भारत में कम वजन वाले और हवादार हेलमेट की आवश्यकता है।
होगा ऐसा हेलमेट कोई पहनने से नहीं करेगा इंकार
ऐसा हेलमेट कम कीमत पर उपलब्ध हो तो लोग हेलमेट पहनने से परहेज नहीं करेंगे। इसी वजह से एम्स और मेलबर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने मिलकर भारत के लिए अच्छी क्वालिटी के वेदर फ्रेंडली हेलमेट तैयार करने का निर्णय लिया है।
एम्स निदेशक ने कहा कि ट्रॉमा और नर्सिंग केयर की आधुनिक जानकारी और इस क्षेत्र के चिकित्सक दक्षिण एशिया के दूसरे देशों में ट्रॉमा केयर में आ रहे बदलाव की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
एक डाटाबेस भी तैयार किया जाएगा। बृहस्पतिवार को एम्स में दो दिवसीय ईएएस कांफ्रेंस की शुरुआत हुई। ईएएस में 18 देश शामिल हैं और इस सम्मेलन में 11 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।