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Accident: हादसों में सिर के बाद गंभीर रूप से घायल हो रहा लोगों का सीना, समय पर इलाज न मिले तो बचा पाना मुश्किल

Sun, 05 May 2024 09:12 AM IST
विजय पुंडीर राकेश शर्मा , अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश शर्मा , अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sun, 05 May 2024 09:12 AM IST
सार

एम्स के ट्रामा सर्जरी व सीसी विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुषमा सागर ने बताया कि बड़ी संख्या में मरीज सीने पर चोट के कारण ट्रामा सेंटर में भर्ती होते हैं। ऐसे मरीजों में देखा गया है कि सीने में रिसाव के कारण खून व हवा भर जाती है। इसे तत्काल निकालकर ऑक्सीजन की प्रक्रिया को सामान्य बनाने की जरूरत होती है।

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AIIMS Trauma Center analyzed total accident patients admitted in 15 years
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

हादसों में सिर के बाद मरीजों का सीना गंभीर रूप से घायल हो रहा है। इससे फेफड़े, दिल, मुख्य धमनी सहित दूसरे महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होते हैं। यदि मरीज को समय पर इलाज न मिले तो बचा पाना मुश्किल हो जाता है। 
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ऐसे मरीज में होने वाली परेशानी को जानने के लिए एम्स के ट्रामा सेंटर ने 15 साल में भर्ती हुए कुल मरीजों का विश्लेषण किया तो पता चला कि 32% मरीजों के सीने पर गंभीर रूप से चोट लगी थी, जबकि अन्य मरीजों को सिर सहित दूसरे अंगों पर चोट के कारण भर्ती किया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि लापरवाही व नियमों की अनदेखी के कारण सीने पर गंभीर रूप से चोट लगती है। ऐसे मामलों में शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग भी घायल हो जाते हैं जिससे मरीज की परेशानी बढ़ती है। 
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एम्स के ट्रामा सर्जरी व सीसी विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुषमा सागर ने बताया कि बड़ी संख्या में मरीज सीने पर चोट के कारण ट्रामा सेंटर में भर्ती होते हैं। ऐसे मरीजों में देखा गया है कि सीने में रिसाव के कारण खून व हवा भर जाती है। इसे तत्काल निकालकर ऑक्सीजन की प्रक्रिया को सामान्य बनाने की जरूरत होती है। ऐसे मरीजों को चेस्ट ट्यूब डालकर व स्वास्थ्य सुविधा देकर बचाया जा सकता है, लेकिन जानकारी के अभाव में डॉक्टर ऐसे मरीजों को बड़े केंद्रों में रेफर कर देते हैं। अब छोटे केंद्रों पर मरीजों को सुविधा देने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि मरीज पास के केंद्रों पर ही जरूरत के आधार पर उचित इलाज दे सकें। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार से बजट बढ़ाने की भी मांग की गई है। 
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जानलेवा होती है सीने की चोट
एम्स ट्रामा सेंटर के डॉक्टरों का कहना है कि सीने में लगी चोट काफी घातक होती है। इस कारण कई बार मरीज की मौत तक हो सकती है। ट्रामा सेंटर में आने वाले मरीजों में देखा गया है कि सड़क दुर्घटना में घायल होने पर सीने में धातु का हिस्सा, सड़क का किनारा, कांच या दूसरी चीज काफी गंभीर रूप से धंस जाती है। इस कारण दिल, मुख्य धमनी, दिल में रक्त का प्रवाह करने वाली धमनियां, फेफड़े व दूसरे अंगों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा शरीर के अंदर ही अतिरिक्त रक्त का रिसाव हो जाता है। ऐसे में मरीज को बचाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे मरीजों को एम्स ट्रामा सेंटर के रेड जोन में शिफ्ट किया जाता है। 


घायल की मदद करने पर दो हजार
एम्स ट्रामा सेंटर के डॉक्टर सुबोध कुमार ने कहा कि यदि कोई घायल को अस्पताल लेकर आता हैं तो उसे दो हजार रुपये दिए जाते हैं। साथ ही, मदद करने वाले से कोई पूछताछ भी नहीं होती है। सीने पर पर चोट लगने वालों में दोपहिया चालक, पैदल चलने वाले शामिल हैं। वहीं, ऊंचाई से गिरने वालों में छत व बालकनी से गिरने वाले बच्चे, सीढ़ी से गिरने वाले बुजुर्ग व अन्य ऊंचाई से गिरने वाले लोग शामिल हैं। ऐसे लोगों को तत्काल राहत देने के लिए तुरंत इलाज देने की जरूरत है।
 
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