एम्स : सीनियर ने जड़ा तमाचा- डॉक्टर हड़ताल पर, इलाज के लिए भटकते रहे मरीज
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देश का सबसे बड़ा चिकित्सीय संस्थान एम्स अब नए विवादों में घिरता दिखाई दे रहा है। अभी पीएचडी छात्र के आत्महत्या का प्रयास करने का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि आरपी सेंटर के प्रमुख डॉ. अतुल कुमार पर रेजीडेंट डॉक्टर को थप्पड़ मारने का गंभीर आरोप लगा है।
डॉ. अतुल कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए एम्स के रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है। बृहस्पतिवार देर शाम एम्स के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया के साथ बैठक को असफल बताते हुए हड़ताल की घोषणा की। उधर, इस घटना के बीच मरीजों को इलाज नहीं मिल सका।
एम्स आरडीए के अध्यक्ष डॉ. हरजीत सिंह भट्टी ने बताया कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्रविज्ञान केंद्र (आरपी सेंटर) के प्रमुख डॉ. अतुल कुमार बुधवार सुबह निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक रेजीडेंट डॉक्टर को किसी बात पर थप्पड़ जड़ दिया। इस दौरान मरीजों से लेकर तीमारदार और अन्य डॉक्टर भी मौजूद थे।
घटना के वक्त पीड़ित रेजीडेंट काफी डर गया और घर चला गया, लेकिन अन्य चश्मदीद डॉक्टर से सूचना मिलने के बाद बृहस्पतिवार को यह मामला पूरे संस्थान में फैल गया। आरडीए ने इस मामले में निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया से मिलने का प्रयास किया, लेकिन शाम करीब साढ़े चार बजे एम्स निदेशक कार्यालय में रेजीडेंट डॉक्टरों की भीड़ एकत्रित होने लगी।
डॉ. हरजीत का कहना है कि एम्स के रेजीडेंट डॉक्टरों ने निदेशक से इस मामले में तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की है। डॉ. अतुल कुमार को जब तक पद से नहीं हटाया जाएगा, वे हड़ताल जारी रखेंगे। केवल आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी जगह रेजीडेंट डॉक्टर सेवाएं नहीं देंगे।
डॉक्टरों ने चार मांगें रखीं
निदेशक को दी शिकायत में डॉक्टरों ने मुख्य रूप से चार मांगें की हैं। इनमें डॉ. अतुल कुमार को तत्काल सस्पेंड किया जाए, उनसे सुपरवाइजर का अधिकार वापस लिया जाए, लिखित में डॉक्टरों से माफी ली जाए और एम्स प्रबंधन को इस घटना के बाद फैकल्टी के लिए एक कोड ऑफ कंडक्ट बनाना चाहिए, ताकि फिर किसी भी रेजीडेंट डॉक्टर के साथ इस तरह का व्यवहार फैकल्टी सदस्य न करें।
15 डॉक्टरों के साथ गलत व्यवहार
एम्स आरडीए का कहना है कि आरपी सेंटर के करीब 15 रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ अब तक गलत व्यवहार किया जा चुका है। सीनियर डॉक्टर रेजीडेंट्स को परीक्षाओं में फेल करने की धमकियां देते हैं। आरडीए ने एम्स निदेशक से इस अन्याय को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
प्रबंधन चुप, नहीं दिया कोई जवाब
एम्स निदेशक की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई। वहीं आरपी सेंटर के प्रमुख डॉ. अतुल कुमार के ऑफिस में जब संपर्क किया, तो व्यस्तता का हवाला देकर जवाब देने की मनाही की।