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दो हजार मरीजों की सर्जरी के बाद दिल्ली एम्स का पहला रोबोट 12 साल बाद हुआ रिटायर
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 17 Oct 2018 04:06 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
रोबोट या रोबोटिक सर्जरी के बारे में आपने सुना ही होगा। बीते कुछ वर्षों के भीतर कई बड़े सरकारी और निजी अस्पतालों तक में ये सुविधा मौजूद हो चुकी है। कई वर्ष पहले भारत में पहली बार एम्स में सर्जरी के लिए रोबोट लाया गया था। अब ये रिटायर्ड हो चुका है। एम्स ने अमेरिका से नई तकनीकों से लैस रोबोट को खरीदा है।
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एम्स के यूरोलॉजी विभाग में वर्ष 2006 से अप्रैल 2018 के बीच करीब 2 हजार मरीजों के ऑपरेशन रोबोट से किए गए। इसमें यूरोलॉजी, प्रोस्टेट कैंसर, किडनी के अलावा अन्य रोगों से ग्रस्त मरीज भी शामिल हैं। ये एम्स के साथ देश का पहला रोबोट था। इसे वर्ष 2001 में एम्स के कार्डियो विभाग में स्थापित किया गया, लेकिन कुछ समय बाद यूरोलॉजी विभाग को सौंप दिया गया।
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ऐसे करता था काम
अमेरिकी तकनीकी पर आधारित इस रोबोट के जरिए मरीज के ऑपरेशन में कम चीरा लगाया जाता है। इससे ऑपरेशन के दौरान होने वाले दुष्प्रभावों की आशंका भी काफी कम रहती है। त्वचा पर छोटे-छोटे छिद्र के जरिए उपकरण का प्रयोग किया जाता है। कैमरा अंदर जाने के बाद बाहर कंप्यूटर की स्क्रीन पर तस्वीरें देता है, जिसे देखते हुए उपकरणों की मदद से सर्जन ऑपरेशन करते हैं।
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अमेरिका से आए और भी ज्यादा एडवांस रोबोट
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रोबोटिक सर्जरी में कई सुविधाएं : यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी को लेकर लोगों में कई भ्रांतियां हैं। जबकि सच यह है कि रोबोटिक सर्जरी में डॉक्टरों की टीम ही ऑपरेशन करती है। हालांकि इसमें कम चीरा लगना, कैमरा होने की वजह से अंदरूनी पूरी तस्वीरें मिल पाना इत्यादि सुविधाएं होती हैं। सामान्य और रोबोटिक सर्जरी में वक्त लगभग बराबर ही लगता है।
अमेरिका से आया और भी ज्यादा एडवांस रोबोट
पहले रोबोट की आयु करीब 10-12 साल थी, जोकि वह अब पूरा कर चुका है। इसलिए कुछ ही माह पहले एम्स ने अपने पहले रोबोट को रिटायर्ड कर दिया है। अब अमेरिका से मंगाए गए उससे भी ज्यादा क्षमता और तकनीकी से युक्त नए रोबोट से मरीजों के ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
अमेरिका से आया और भी ज्यादा एडवांस रोबोट
पहले रोबोट की आयु करीब 10-12 साल थी, जोकि वह अब पूरा कर चुका है। इसलिए कुछ ही माह पहले एम्स ने अपने पहले रोबोट को रिटायर्ड कर दिया है। अब अमेरिका से मंगाए गए उससे भी ज्यादा क्षमता और तकनीकी से युक्त नए रोबोट से मरीजों के ऑपरेशन किए जा रहे हैं।