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#LadengeCoronaSe: देश के अस्पतालों के लिए एम्स का कोरोना बैकअप प्लान तैयार

Fri, 27 Mar 2020 05:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 27 Mar 2020 05:30 AM IST
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AIIMS corona backup plan ready for country's hospitals
aiims - फोटो : file photo

कोरोना वायरस से निपटने के लिए एम्स भी सक्रिय हो चुका है। एम्स ने देश भर के अस्पतालों के लिए कोरोना बैकअप प्लान तैयार कर लिया है। इसमें वेंटिलेटर से लेकर शवों के अंतिम संस्कार तक की गाइडलाइन तैयार हो चुकी हैं। अस्पताल न आने वाले मरीजों को फोन व इंटरनेट के जरिये डॉक्टरों से जोड़ा जाएगा। साथ ही कोरोना का इलाज करने वाले डॉक्टरों को एम्स से जोड़ने के लिए वेबीनार कार्यक्रम भी शुरू होने वाला है। 

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जानकारी के अनुसार बीते एक सप्ताह से एम्स के विशेषज्ञों की टीम बैकअप प्लान बनाने में जुटी हुई थी। एम्स में इस समय ओपीडी और पहले से तय सर्जरी को रोक दिया गया है। केवल आपातकालीन सेवाएं चालू हैं। एम्स के ट्रामा सेंटर, झज्जर स्थित कैंसर अस्पताल, बर्न व प्लास्टिक ब्लॉक में कोरोना वायरस के लिए विशेष तौर पर इंतजाम किए जा चुके हैं। साथ ही एम्स ने 150 बिस्तरों को अलग से आरक्षित कर लिया है। एम्स प्रबंधन ने कहा कि वह हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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जल्द दिखेंगे छोटे व सस्ते वेंटिलेटर
एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया के अनुसार कोरोना के मरीजों को आईसीयू सुविधा बढ़ाने के लिए जल्द ही छोटे व सस्ते वेंटिलेटर उपलब्ध हो जाएंगे। इसकी तमाम कागजी कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है। दुनिया भर में वेंटिलेटर की मांग कोरोना के चलते बढ़ी है। एम्स ने इसके लिए एक स्वदेशी कंपनी से करार किया है। यह  कंपनी प्रोटोटाइप वेंटिलेटर उपलब्ध कराएगी जोकि आकार में छोटे लेकिन आधुनिक तकनीकी से लैस होगा। 
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शवों के अंतिम संस्कार की बनाई गाइडलाइन
एम्स के फोरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए छह पेज की एक गाइडलाइन बनाई गई है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार इन दिशा निर्देशों का पालन करा सकती है। एम्स की गाइडलाइन के तहत खुले में संक्रमित शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सकता है। इलेक्ट्रिक या सीएनजी के जरिए अंतिम संस्कार करना उचित रहेगा। चार से पांच फुट गहरे गड्ढे में शव को दफन कर उसके ऊपर सीमेंट की एक मोटी लेयर से कवर करना चाहिए। 

कोरोना का इलाज करने वालों की करेंगे मदद

एम्स के वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. अंबुज राय ने बताया कि एम्स ने एक वेबीनार प्रोग्राम तैयार किया है जिसमें हर दिन अलग अलग विभाग के विशेषज्ञ देश भर के डॉक्टरों को कोरोना वायरस के इलाज से जुड़ी जानकारियां दे सकेंगे। उन्होंने बताया कि 27 और 30 मार्च के अलावा 1 और 3 अप्रैल को चार चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। 20-20 मिनट के इस वेबीनार में इंफेक्शन कंट्रोल प्रैक्टिस से लेकर पल्मोनरी, हार्ट, नेफ्रोलॉजी, कोविड मैनेजमेंट इत्यादि बिंदुओं पर जानकारी दी जाएगी। 

फोन पर डाॅक्टर से ले सकते हैं परामर्श
ओपीडी और पहले से तय सर्जरी पर रोक लगाने के बाद एम्स ने अपने मरीजों के लिए टेली कंसल्टेशन की सुविधा शुरू की है। एम्स आने वाले फॉलोअप मरीज डॉक्टर से फोन पर परामर्श ले सकते हैं। एम्स प्रशासन की ओर से सभी डॉक्टरों को जानकारी दे दी गई है। ताकि मरीजों को फोन करने पर कोई परेशानी ना हो। फोन कॉल के अलावा व्हाट्सएप और मैसेज के जरिये डॉक्टर से सुझाव ले सकते हैं। 

एम्स में कोरोना के मरीजों के लिए
. एम्स ट्रामा सेंटर के आईसीयू में 20 बेड। 
. झज्जर स्थित कैंसर अस्पताल में 50 आइसोलेशन, 25 आईसीयू बेड।
. बर्न एंड प्लास्टिक ब्लॉक में 30 आईसीयू बेड।
. 150 आइसोलेशन बेड अलग से आरक्षित किए गए।

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