फिर निकलेगा मेट्रो का दम, पीक-टाइम में बढ़ेंगी लोगों की मुश्किलें
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मेट्रो का सफर एक बार फिर तकलीफदेह बन सकता है। असावटी रेलवे स्टेशन पर नॉन इंटरलॉकिंग का काम शुरू हो गया है। इसके चलते दिल्ली से पलवल के बीच चलने वाली 24 से ज्यादा शटल गाड़ियां निरस्त रहेंगी।
28 सितंबर से ट्रेनों का संचालन बाधित होने लगेगा। दैनिक यात्रियों को 11 अक्तूबर तक परेशानी झेलनी होगी। ऐसे में फरीदाबाद से दिल्ली के बीच मेट्रो सेवा पर 35 से 40 हजार यात्रियों का दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
इसको लेकर दिल्ली मेट्रो रेल निगम की तरफ से कोई तैयारी फिलहाल नहीं की गई है। एस्कॉर्ट्स-मुजेसर से बदरपुर मेट्रो कॉरिडोर पर फिलहाल राइडरशिप का आंकड़ा 45 से 50 हजार के बीच है।
सुबह-शाम पीक टाइम में मेट्रो की रफ्तार मंद पड़ जाती है। फ्रिक्वेंसी कम होने के कारण यात्रियों को खासी दिक्कत होती है। ऐसे में शटल से सफर करने वाले यात्रियों का दबाव बढ़ने से मेट्रो का सफर आसान नहीं होगा।
न्यू टाउन व ओल्ड से मेट्रो का सहारा
माना जा रहा है कि पलवल, होडल, हथीन और आगरा मथुरा से दिल्ली जाने वाले शटल के दैनिक यात्रियों की सबसे ज्यादा भीड़ एस्कॉर्ट्स मुजेसर, बाटा, अजरौंदा और ओल्ड मेट्रो स्टेशन पर रहेगी।
शटल के तकरीबन 40 हजार यात्री मेट्रो से सफर करने को मजबूर होंगे। चार कोच वाली मेट्रो के लिए इतनी बड़ी तादात में भीड़ संभालना चुनौतीभरा होगा।
रेलवे की मानें तो न्यूटाउन से प्रतिदिन करीब 18 से 20 हजार और ओल्ड रेलवे स्टेशन से 20 से 22 हजार दैनिक यात्री प्रतिदिन नई दिल्ली और मथुरा की ओर सफर करते हैं।
ऐसे में असावटी में नॉन इंटरलॉकिंग के चलते शटल गाड़ियों के रद्द रहने से दोनों स्टेशनों के यात्री मेट्रो का सहारा लेंगे। दोनों ही स्टेशनों से महज 500 मीटर की दूरी पर हैं।
इसके पहले अगस्त में नॉन इंटरलॉकिंग के चलते करीब एक सप्ताह तक कई गाड़ियां निरस्त रही थीं। इससे दैनिक यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब मुजेसर से मेट्रो के चलने से यात्रियों के पास दिल्ली-फरीदाबाद के बीच सफर का विकल्प होगा।