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ईदगाह में पाठशालाः खौफ के बाद अब फिर सपने देख रही हैं नन्हीं आंखें
Fri, 13 Mar 2020 06:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
किशन कुमार, नई दिल्ली
किशन कुमार, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 13 Mar 2020 06:04 AM IST
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राहत शिविर में बच्चे....
- फोटो : अमर उजाला
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हिंसा का दंश झेलने के बाद मुस्तफाबाद स्थित ईदगाह के राहत कैंप में रह रहे प्रभावित बच्चों की आंखें एक बार फिर सपने देख रही हैं। पढ़ाई-लिखाई व खेलकूद के साथ-साथ अब चेहरों से खौफ की दीवारें भी गिर रही हैं। मासूम अपनी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ भविष्य की नींव मजबूत करने में जुटे हैं।
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कैंप में कई सामाजिक संगठनों के साथ साथ बाल आयोग भी बच्चों की जिंदगी को पटरी पर लाने में लगा हुआ है। बाल आयोग के वालंटियर वर्तिका ने बताया कि शुरू में बच्चे काफी खौफ में थे। किसी अनजान से बात करने के लिए तैयार नहीं थे।
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इसके बाद बच्चों की काउंसलिंग कर उन्हें पढ़ाई के लिए तैयार किया गया। अभिभावकों को भी बच्चों के भीतर बने डर को खत्म करने के लिए सलाह दी जा रही है। वहीं, अभिभावकों का भी कहना है कि धीरे धीरे बच्चों के भीतर का डर खत्म हो रहा है।
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कला व संगीत थेरेपी से दूर कर रहे हैं खौफ
कैंप में बच्चों का खौफ दूर करने के लिए कला व संगीत थेरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा है। बच्चों को सकारात्मक कहानियां सुनाने के बाद उन्हें मन में आने वाले विचारों को कागज पर उकेरने के लिए कहा जा रहा है। चित्रों को देखकर बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है।
दो पाली में चल रही हैं कक्षाएं
कैंप में शिव विहार व मुस्तफाबाद इलाके के कई ऐसे बच्चे भी हैं जिनकी बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। वहीं, अन्य कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र भी कैंप में शरण लिए हुए हैं। ऐसे में यहां दो पालियों में कक्षाएं लगाई जा रही हैं। जिसमें विभिन्न कक्षाओं के छात्र पढ़ रहे हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े कई शिक्षक यहां पहुंच रहे हैं।