पहले जश्न मनाया फिर दिया संगीन घटना को अंजाम
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नई दिल्ली के नजफगढ़ के चार युवकों की हत्या करके उनके शव को बहादुरगढ़ के गांव ईस्सरहेड़ी में लाकर कार के भीतर जला देने के मामले में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अब तक एक महिला समेत कुल सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पहले साथ मिलकर नव वर्ष जश्न मनाया फिर चारों युवकों को मौत के घाट उतार दिया। इन आरोपियों से पूछताछ के बाद वारदात से जुड़े कई पहलू पुलिस के सामने आए हैं।
पुलिस ने अब दरियापुर के आकाश, मुकेश व रोहित व राजेश उर्फ दिनेश को गिरफ्तार किया है। दिनेश को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पकड़ा है। उसके पास से .09 एमएम व .32 बोर की दो पिस्टल और 9 कारतूस बरामद किए गए हैं। बाकी तीनों को बहादुरगढ़ पुलिस ने धरा है।
डीएसपी कप्तान सिंह ने सोमवार को बताया कि मितराऊ में हुए गैंगवार के बाद वर्चस्व बनाए रखने व पैसे की उगाही को लेकर बनी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया।
जश्न मनाया फिर दिया घटना को अंजाम
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि घटना वाली रात इन सभी ने नव वर्र्ष का जश्न मनाने के बहाने मितराऊ निवासी मनीष, सुधीर, संदीप और समसपुर निवासी दीपक को यह कहकर रोका था कि वह अपने सभी पुराने गिले-शिकवे भूला देना चाहते हैं। योजना के तहत सभी ने एकसाथ बैठकर नव वर्ष का जश्न मनाते हुए शराब पी।
जब मनीष, सुधीर, संदीप और दीपक को नशा चढ़ा, तो उन्होंने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। इस वारदात को मितराऊ के ही एक ऑफिस के भीतर अंजाम दिया गया था। यह ऑफिस इस मामले में आरोपी रविंद्र का है।
डीएसपी ने बताया कि चारों युवकों की हत्या करने के बाद हत्यारोपियों का ही एक साथी बाइक पर जाकर दो बोतलों में पेट्रोल लेकर आया। योजना के तहत शवों को उनकी ही कार में डालकर ईस्सरहेड़ी की बणी (जंगल) में ले गए और उन पर पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। हत्यारोपी दो कारों में सवार होकर यहां पहुंचे थे।
इनके बीच थी वर्चस्व की लड़ाई
डीएसपी ने बताया कि रवींद्र उर्फ भोलू गैंग और नवीन खाती गैंग में काफी पुरानी रंजिश चली आ रही थी। पिछले वर्ष मार्च-अप्रैल में दीपक और अन्यों ने रवींद्र पर गोली भी चला दी थी। इसके बाद से उनमें काफी रंजिश बनी थी। उन्होंने बताया कि पहले दोनों गुटों के आरोपी मितराऊ के ही अनूप से जुड़े थे। उस समय गैंग का सरगना अनूप हुआ करता था।
उसकी रोहतक के अदालत परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके बाद ही पैसे की उगाही को लेकर दो गुट बन गए थे, जिनमें बाद में खूनी रंजिश शुरू हो गई। इसी के चलते पिछले साल रवींद्र उर्फ भोलू पर हमला हुआ था। उसे दो गोली लगी थी, लेकिन वह बच गया था। इसी रंजिश का बदला जब रवींद्र गुट ने लिया, तो सबसे पहले दीपक को गोली मारी गई, क्योंकि उसी ने रवींद्र पर हमला किया था। डीएसपी ने बताया कि मरने वालों में मनीष पर चार केस हैं।
इनमें दो हत्या, एक हत्या के प्रयास और एक लूट का मामला है। दीपक पर एक हत्या और दूसरा हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। इसके अलावा संदीप पर झगड़े का एक केस दर्ज है।
यह है मामला
बहादुरगढ़ के गांव ईस्सरहेड़ी में एक जनवरी की सुबह एक कार से चार युवकों के कंकालनुमा शव बरामद हुए थे। कार की चेसिस नंबर से पुलिस ने मृतकों की शिनाख्त की। जांच में पता चला कि 31 दिसंबर की रात चारों युवकों की मितराऊ गांव के एक ऑफिस में हत्या करने के बाद गांव ईस्सरहेड़ी लाकर कार के भीतर जला दिया गया था। पुलिस को दो शव कार की पिछली सीट से और दो शव कार की डिग्गी से बरामद हुए थे। प्रथम दूष्टया ही पता चल गया था कि यह हत्या का मामला है।