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अब मोदी के मुरीद हुए आडवाणी
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 20 Jan 2014 03:14 PM IST
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भाजपा के पितामह लालकृष्ण आडवाणी भी आखिरकार नरेंद्र मोदी के मुरीद हो गए हैं। कभी मोदी को लोकसभा की सियासी जंग की कमान सौंपे जाने पर कोपभवन में जाने वाले आडवाणी ने रविवार को मोदी की जमकर सराहना की।
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पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सम्मेलन में उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे मोदी को पीएम बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ने का संकल्प लें। साथ ही उन्होंने पार्टी को यह भी नसीहत दी कि वह 2004 के लोकसभा चुनाव की तरह अति उत्साह में न रहे।
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आडवाणी ने कहा कि आजादी के बाद से यह 16वां चुनाव होगा। अब तक जितने भी चुनाव हुए हैं, उनमें पार्टी में ऐसा उत्साह और आत्मविश्वास पहले कभी भी देखने को नहीं मिला। मोदी को पीएम बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़नी है।
मोदी की तारीफ करते हुए आडवाणी ने कहा कि उनके साथ पार्टी ने पिछले पांच-छह महीने से जो अभियान चलाया, बड़ी बड़ी जनसभाओं को संबोधित किया, वह तारीफ योग्य है। किसी भी दूसरे नेता ने लगातार लोगों के सामने इस तरह से अपनी बातें नहीं रखी।
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आडवाणी ने कहा कि सुशासन के साथ इंद्रधनुष की जो व्याख्या मोदी ने की वह आने वाले वर्षों के लिए पार्टी की सोच को रेखांकित करती है। उन्होंने सुझाव दिया कि ये बातें पार्टी के विजन डॉक्यूमेंट में शामिल होनी चाहिए। भाजपा नेता ने साबरमती की दशा सुधारने के लिए भी मोदी की जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा कि साबरमती एक गंदा नाला जैसी थी, नरेंद्र भाई ने नर्मदा का पानी लाकर साबरमती नदी का कायाकल्प कर दिया। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और अन्य नेताओं को बधाई दी कि उन्होंने नरेंद्र भाई को पीएम उम्मीदवार तय किया।