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Delhi NCR News: महात्मा गांधी-जामिया के रिश्ते पर हुआ व्याख्यान
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रेमचंद आर्काइव्स एंड लिटरेरी सेंटर (जेपीएएलसी) में महात्मा गांधी और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बीच संबंधों पर व्याख्यान आयोजित किया गया। इतिहास एवं संस्कृति विभाग के प्रो. मोहम्मद अलीम ने कहा कि 1920 के दशक में जामिया की स्थापना में महात्मा गांधी प्रेरणा और मार्गदर्शक शक्ति रहे। उन्होंने जामिया की स्थापना से लेकर शिक्षा के क्षेत्र में इसके योगदान और विकास की विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि जामिया एक आंदोलन के भीतर दूसरा आंदोलन था। कार्यक्रम की अध्यक्षता फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड लैंग्वेजेज के डीन प्रो. इक्तिदार मोहम्मद खान ने की। उन्होंने मौलाना मोहम्मद अली सहित अन्य संस्थापकों की भूमिका और भारतीयों को शिक्षित करने के आंदोलन पर प्रकाश डाला।
जामिया के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नीरज कुमार ने महात्मा गांधी की शिक्षाओं और उनकी पुस्तक सत्य के साथ मेरे प्रयोग के दर्शन तथा शिक्षा पर उसके प्रभाव की चर्चा की। उन्होंने गांधी और जामिया के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंधों को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।
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नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रेमचंद आर्काइव्स एंड लिटरेरी सेंटर (जेपीएएलसी) में महात्मा गांधी और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बीच संबंधों पर व्याख्यान आयोजित किया गया। इतिहास एवं संस्कृति विभाग के प्रो. मोहम्मद अलीम ने कहा कि 1920 के दशक में जामिया की स्थापना में महात्मा गांधी प्रेरणा और मार्गदर्शक शक्ति रहे। उन्होंने जामिया की स्थापना से लेकर शिक्षा के क्षेत्र में इसके योगदान और विकास की विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि जामिया एक आंदोलन के भीतर दूसरा आंदोलन था। कार्यक्रम की अध्यक्षता फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड लैंग्वेजेज के डीन प्रो. इक्तिदार मोहम्मद खान ने की। उन्होंने मौलाना मोहम्मद अली सहित अन्य संस्थापकों की भूमिका और भारतीयों को शिक्षित करने के आंदोलन पर प्रकाश डाला।
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जामिया के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नीरज कुमार ने महात्मा गांधी की शिक्षाओं और उनकी पुस्तक सत्य के साथ मेरे प्रयोग के दर्शन तथा शिक्षा पर उसके प्रभाव की चर्चा की। उन्होंने गांधी और जामिया के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंधों को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।
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