नोएडा में 1757 इमारतें निशाने पर, 114 होंगी ध्वस्त-दूसरी सूची जारी
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शाहबेरी गांव में दो इमारतों के गिरने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने में सर्वे कराया। इस दौरान प्राधिकरण के नियमों को ताक पर रखकर नोएडा में बनी तीन मंजिल से अधिक की 1757 बहुमंजिला इमारतें निशाने पर आ गई हैं। इनमें से प्राधिकरण की अर्जित और कब्जा प्राप्त जमीन पर बनी 114 अवैध इमारतों को अब गिराया जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण ने शुक्रवार को नोएडा के अधिसूचित, अर्जित (अधिग्रहण हो चुका है), अनार्जित (जिसका अधिग्रहण नहीं हुआ), जर्जर और गांव की आबादी में बनाए गए तीन मंजिल से अधिक की इमारतों की सूची सार्वजनिक की है। इसके मुताबिक यहां असुरक्षित व जर्जर भवनों की संख्या 56 है। जबकि अधिसूचित व अर्जित भूमि पर 114 अवैध इमारतें खड़ी हैं।
इसके अलावा अधिसूचित व अनार्जित भूमि पर बने बहुमंजिला भवनों की संख्या 261 है। सबसे अंत में ग्राम की मूल आबादी में बने बहुमंजिले भवनों की संख्या 1326 बताई गई है।
जांच के बाद 56 असुरक्षित व जर्जर भवनों पर कार्रवाई
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक , कुल 56 जर्जर भवनों में से इलाबांस गांव में एक, नगला चरणदास में एक और गढ़ी शहदरा में एक इमारत को सील किया गया है। अन्य जर्जर भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि गढ़ी चौखंडी में 12 जर्जर भवनों में 10 को ध्वस्त कर दिया गया है। अन्य भवन मालिकों को नोटिस जारी किया गया है।
निठारी में 17 जर्जर भवन स्वामियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। हरौला, नया बांस व झुंडपुरा में दो-दो जर्जर भवनों पर असुरक्षित का नोटिस चस्पा किया गया है। असुरक्षित व जर्जर भवनों के परीक्षण के लिए नियोजन, संबंधित वरिष्ठ प्रबंधक, एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर व राइट्स लिमिटेड के नामित अधिकारियों की एक समिति बनाई गई है और वह इसकी जांच करेंगे। जांच के बाद पता चलेगा कि इनमें से कितने भवन भविष्य में रहने लायक हैं या नहीं। अगर इंजीनियरों की टीम इसे रहने लायक बनाने के लिए सुझाव देती है तो ठीक है। अन्यथा इसे भी तोड़ने की कार्रवाई होगी।
50 इमारतें सील, 60 को नोटिस
अधिकारियों का कहना है कि 114 इमारतों में से 50 को सील कर दिया गया है। रायपुर गांव के 4 भवन मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए भवन खाली कराए गए। 60 अन्य भवन मालिकों को नोटिस दिया गया है। अधिसूचित एवं अर्जित भूमि पर सभी अवैध निर्माण हटाए जाएंगे।
इन सभी जमीनों का अधिग्रहण करने के बाद जिला प्रशासन के पास मुआवजा जमा करा दिया गया है। हालांकि, कितने किसानों ने जमीनों का मुआवजा उठाया है। यह स्पष्ट नहीं हो सका है। बावजूद इसके अधिकारियों का कहना है कि जब जमीन अधिगृहीत कर ली गई तो फिर यहां निर्माण नहीं किया जा सकता। मुआवजा उठाने या न उठाने का मामला बातचीत के बाद ही तय हो सकता है।
आबादी की 1326 इमारतों पर फैसला होना बाकी
अनार्जित जमीन पर बनी 261 अवैध इमारतों का ध्वस्तीकरण भी संभव
प्राधिकरण के मुताबिक, अधिकांश अधिसूचित जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है, लेकिन करीब 2500 एकड़ जमीन बच गई थी, जिसका शहरीकरण करना था। प्राधिकरण को भविष्य में इसका अधिग्रहण करने की कवायद करनी थी, लेकिन यह काम अभी तक नहीं हो पाया।
इसी बीच ऐसी अनार्जित जमीन पर तीन मंजिल से अधिक की 261 अवैध इमारतों का निर्माण कर लिया गया। प्राधिकरण का साफ कहना है कि यह सभी इमारतें अवैध की श्रेणी में आती हैं और इनके खिलाफ नियम के मुताबिक कार्रवाई होगी। फिलहाल प्राधिकरण ने इसके ध्वस्तीकरण को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं। संभावना है कि इनकों भी गिराने की सूची में डाला जाए।
आबादी की 1326 इमारतों पर फैसला होना बाकी
प्राधिकरण के सर्वे में गांवों की आबादी में तीन मंजिल से अधिक की बनी 1326 इमारतों को चिह्नित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन इमारतों के खसरे का सत्यापन भूलेख विभाग कर रहा है। सत्यापन के बाद पता चल पाएगा कि अमुक निर्माण प्राधिकरण की अधिसूचित क्षेत्र में है या नहीं।
इसके बाद यह पता चलेगा कि यह निर्माण गांव की आबादी में किया गया है या यह आबादी से बाहर का निर्माण कार्य है। हालांकि, प्राधिकरण का साफ कहना है कि गांवों की मूल आबादी में बनी इमारतों के संबंध में अभी नीतिगत निर्णय होना बाकी है। इसके बाद ही इस आंकड़ों पर कुछ भी कहा जा सकता है।