किरण पर 'AAP' खामोश, कुमार विश्वास हुए आक्रामक
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आम आदमी पार्टी (आप) बेशक किरण बेदी पर सीधा हमला करने से बच रही हो। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल सकारात्मक सियासत करने की अपेक्षा बेदी से कर रहे हों। लेकिन पार्टी नेता कुमार विश्वास शुक्रवार को भी बेदी पर आक्रामक रहे।
बेदी को पुराने दिनों की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होने के बाद क्या वह राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में लाने की कोशिश करती रहेंगी। दूसरी तरफ विश्वास ने दावा किया कि भाजपा ने उनसे भी पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था लेकिन इसे उन्होंने खारिज कर दिया।
दरअसल, बृहस्पतिवार को बेदी के भाजपा में शामिल होने के बाद विश्वास ने कहा था कि हमें घर के जयचंदों से ही खतरा है। इस पर बेदी की प्रतिक्रिया रही कि विश्वास अच्छी कविता करते हैं। उनकी ताकत उनकी कविता है, वह कविता करें।
पलटवार, सरकारी सम्मेलनों में नहीं सुनी जातीं मेरी कविताएं
इसके बाद मीडिया से बात करते हुए विश्वास ने बेदी का आभार व्यक्त किया। साथ ही कहा कि मेरे साथ अच्छा यह है कि मेरी कविताएं वडोदरा महोत्सव, सैफई महोत्सव और लालकिले के सरकारी कवि सम्मेलनों में नहीं सुनी जातीं।
सरकार चाहें किसी की भी हो लेकिन मेरी कविता सुनने की हिम्मत किसी की नहीं होती। हम तो अन्ना के आंदोलन में कविता करते हैं, दामिनी में जब लोग लाठी खा रहे होते हैं तब कविता करते हैं।
विश्वास ने बेदी को याद दिलाया कि कभी उन्होंने भाजपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया था। वह चाहे गुजरात दंगों की बात हो, राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में लाने का मामला हो, काला धन वापसी व कोयला घोटाले का सवाल हो।
तंज कसते हुए विश्वास ने कहा कि अब वह भाजपा में शामिल हो गई हैं। उम्मीद है कि अब भी वह आरटीआई का सवाल उठाएंगी। दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आप बिना किसी का नाम लिए दिल्ली में सकारात्मक मुद्दों के जरिए सियासी लड़ाई लड़ रही है। बेदी को सकारात्मक तरीके से काम करना चाहिए।