AAP ने IPL पर चुप्पी तोड़ी, खेला बड़ा चुनावी दांव
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आम आदमी पार्टी (आप) ने पहली बार आईपीएल विवाद पर चुप्पी तोड़ी है। पार्टी का मानना है कि राजनेताओं की गैरजरूरी दखल से आज क्रिकेट के साथ देश के सभी खेल बदनाम हो रहे हैं।
लिहाजा खेल प्राधिकरणों में खेल जगत से जुड़े लोगों की नियुक्ति होनी चाहिए। पार्टी ने मैच फिक्सिंग के मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप का स्वागत किया है।
पार्टी नेता राहुल मेहरा ने कहा कि खेल प्राधिकरणों पर नेताओं ने कब्जा कर रखा है। इससे क्रिकेट समेत सभी खेलों में भ्रष्टाचार चरम पर है।
75 % स्पोर्टस् पर्सन नियुक्त करने की दलील
भ्रष्टाचार की वजह से ही 2012 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक एसोसिएशन ने पहली बार भारतीय ओलंपिक संघ पर प्रतिबंध लगाया। मेहरा ने कहा कि फिलहाल हिमाचल प्रदेश में भाजपा नेता अनुराग ठाकुर, मुंबई में शरद पवार, जम्मू कश्मीर में फारूख अब्दुल्ला, यूपी में राजीव शुक्ला और दिल्ली में अरुण जेटली काफी समय से क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े हुए हैं। इन सभी पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप हैं।
आप नेता ने बताया कि ऐसे हालात से छुटकारा दिलाने के लिए आप का वादा है कि बीसीसीआई को आरटीआई के दायरे में लाया जाएगा, जिससे इसे जिम्मेदार बनाया जा सके।
वहीं, खेल प्राधिकरणों के 75 फीसदी पदों पर उस खेल से जुड़ी शख्सियत की नियुक्ति हो। खेल प्राधिकरणों में भ्रष्टाचार रोकने केलिए कानून बनाया जाएगा। फिर भी अगर कोई खिलाड़ी मैच फिक्सिंग में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।