AAP विधायक का केजरीवाल को जोर का झटका
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दिल्ली विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका लगा है। तिमारपुर सीट से आप विधायक रहे हरीश खन्ना का पार्टी से मोह भंग हो गया।
इसी कड़ी में उन्होंने चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। साथ ही उन्होंने पार्टी पर अपने मिशन से दूर होने का आरोप लगाया है।
खन्ना ने एक चिट्ठी लिखकर इसकी जानकारी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को दे भी दी है। हालांकि खन्ना ने अभी तक पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। वहीं, पार्टी का कहना है कि फिलहाल उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया चल रही है। बगैर टिकट मिले किसी के चुनाव लड़ने या न लड़ने की बात ही नहीं उठती।
दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के सेक्रेटरी व आप के तिमारपुर से विधायक हरीश खन्ना का कुछ महीने पहले पार्टी से मोह भंग हुआ है।
क्या केजरीवाल सुन पाएंगे ये आरोप?
खन्ना सीधे-सीधे केजरीवाल पर हमलावर होने से बचते दिखे। हालांकि उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि कोई पार्टी तानाशाही से नहीं चलती। दो-चार लोग बंद कमरे में फैसला नहीं कर सकते।
पिछले कुछ महीनों से पार्टी इसी दिशा में बढ़ रही थी। आखिरकार चीजों के बर्दाश्त होने के बाहर होते ही फैसला कर लिया। साफ लगा कि सियासत हमारे जैसों के लिए नहीं है।
खन्ना ने बताया कि पार्टी का गठन एक मिशन के लिए हुआ था। व्यवस्था परिवर्तन के मसले पर हम सभी सियासत में आए थे। सांसद/विधायक बनना या जीतना/हारना हमारा मकसद नहीं था। फिर भी, पार्टी ने मौका दिया तो चुनाव लड़ने की चुनौती से पीछे भी नहीं हटा। लेकिन आज पार्टी पटरी से उतर गई है।
भाजपा के दिग्गज को हराया था
फिलहाल पार्टी अपनी जीत दूसरे की हार के बीच घूम रही है। इसी वजह से अच्छे लोग पार्टी से दूर होते जा रहे हैं। हालांकि खन्ना ने किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने या इस्तीफा देने से इंकार किया। चिट्ठी में केजरीवाल का आभार जाहिर करते हुए कहा है कि चुनाव लड़ना अब उनके लिए संभव नहीं हैं।
इस बारे में आप प्रवक्ता दिलीप पांडेय का कहना है कि फिलहाल उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। केजरीवाल ने खुद भी कहा है कि नई दिल्ली से चुनाव लड़ना या न लड़ने तक का फैसला अभी तक नहीं हो सका है। ऐसे में किसी विधायक का चुनाव न लड़ने का दावा करना समझ से बाहर की बात है। इस बारे में अभी फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता।
हरीश खन्ना डूटा में सक्रिय रहे हैं। आप के गठन के बाद उन्होंने इसका दामन थाम लिया था। पिछले विधान सभा चुनाव में खन्ना का तिमारपुर सीट से टिकट मिला था। यहां से दिल्ली की पूर्व मेयर रजनी अब्बी भाजपा की उम्मीदवार थीं।
चुनाव में खन्ना को 39,650 वोट और रब्बी को 36,267 वोट मिले थे। तीसरे स्थान पर कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र पाल सिंह रहे। आप को अब इस सीट से नया उम्मीदवार ढ़ूंढना होगा।