आप विधायकों पर संकट बरकरार, चुनाव आयोग को दो दिन में देना होगा जवाब
संसदीय सचिव बने आम आदमी पार्टी (आप) के 21 विधायकों ने सोमवार को चुनाव आयोग में अपना पक्ष रखा। विधायकों की विधानसभा सदस्यता पर संकट बरकरार है।
सुनवाई के बाद विधायक मदनलाल ने बताया कि प्रशांत पटेल ने आयोग में दूसरा शपथ पत्र दाखिल किया है। इसमें लिखा कि पिटीशन, रिज्वॉइंडर व डॉक्यूमेंट्स को उसी ने ड्राफ्ट किया है।
आप विधायकों ने इसका विरोध किया। आप विधायकों का कहना है कि प्रशांत की दूसरी शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया जाना चाहिए।
विधायकों ने चुनाव आयोग के समक्ष रखा अपना पक्ष
इसकी वजह यह है कि इससे जुड़ी एक शिकायत राष्ट्रपति की ओर से जांच के लिए पहले ही आई है। ऐसे में, दूसरी शिकायत पर सुनवाई का औचित्य नहीं है।
विधायकों का पक्ष सुनने के बाद आयोग ने कहा कि दोनों पक्ष इस मामले में दो दिन के भीतर अपना जवाब दें। आयोग इसके बाद इस मामले में आदेश जारी करेगा।
बता दें कि पहली शिकायत में 19 जून 2015 को एडवोकेट प्रशांत पटेल ने राष्ट्रपति के पास दिल्ली सरकार के 21 संसदीय सचिवों की सदस्यता रद्द करने के लिए आवेदन किया था। राष्ट्रपति ने 22 जून को शिकायत चुनाव आयोग को भेज दी थी।