AAP कार्यकारिणी से तमिलनाडु नेता का इस्तीफा
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आम आदमी पार्टी की कलह दक्षिणी राज्यों तक पहुंच गई है। तमिलनाडु की पार्टी नेता और कार्यकारिणी सदस्य क्रिस्टीना सैमी ने बुधवार को पैनल से इस्तीफा दे दिया। ऐसा उन्होंने योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को महत्वपूर्ण पदों से हटाने के विरोध में किया है।
4 मार्च को राजनीतिक मामलों की समिती (पीएसी) की बैठक में यादव और प्रशांत भूषण को हटाने के प्रस्ताव के विरोध में उन्होंने मतदान किया था। क्रिस्टीना ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और पार्टी सिद्धांतों से हट चुकी है। उनका कहना है कि अगर यादव और प्रशांत भूषण पार्टी विरोधी गतिविधियों में सक्रिय थे तब भी मामला आंतरिक लोकपाल के पास जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति से हटने का फैसला उन्होंने इस लिए भी किया कि आम लोगों की उम्मीदें अब टूट चुकी हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रीय परिषद की सदस्य बनी रहेंगी। घुटने के आपरेशन की वजह से वे 28 मार्च की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में शामिल नहीं हुई थीं।
योगेंद्र यादव जनता के बीच जाकर तय करेंगे आगे का रास्ता
आम आदमी पार्टी से असंतुष्ट नेता योगेंद्र यादव आगे का रास्त तय करने के लिए जनता के बीच जाएंगे। प्रशांत भूषण के साथ मिलकर नई पार्टी बनाने का संकेत देने के साथ वह जनता की राय भी लेंगे। इस बीच उनका आप से निकाला जाना कितना संवैधानिक है इस लेकर वह कानूनी रास्ता भी देख रहे है।
योगेंद्र यादव ने केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा कि मैं और प्रशांत आंदोलन के नैतिक पतन को देखते हुए मुकदर्शक नहीं बने रह सकते थे। हम नहीं चाहते थे हम पर जनता के ऐसे आरोप लगे। इसलिए हमने समय-समय पर आवाज उठाई। हमारे पास दो विकल्प थे। एक हम एकता को बनाए रखने के लिए चुप रहते या फिर आंदोलन के आत्मा को बचाए रखने के लिए व लोगों की उम्मीद को बचाए रखने के लिए आवाज उठाते।
यह दुविधा थी मगर इस बीच आवाज उठी अब सबकुछ सामने है। राजनीति छोड़ने की बात पर उन्होंने कहा कि इससे लोकतंत्र कमजोर होगा। हम आप में रहकर राजनीति में बदलाव करना चाहते थे लेकिन वह नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हम किसी भी नतीजे पर जाने से पहले लोगों की राय जरूर लेना चाहेंगे। वह क्या चाहते हैं। हम स्वराज के मॉडल पर ही आगे बढ़ेंगे।