21 विधायकों को बचाने के लिए अब राष्ट्रपति की शरण में केजरीवाल
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निर्वाचन आयोग ने अयोग्य ठहराए जाने की कगार पर खड़े आम आदमी पर्टी के 21 विधायकों की मांग को कल ठुकरा दिया जिसके बाद शुक्रवार को आप नेता राष्ट्रपति से मिलेंगे। गौरतलब है कि आप नेताओं को राष्ट्रपति से मिलने के लिए शुक्रवार शाम 6:30 बजे का समय मिला है।
बता दें कि लाभ के पद पर काम करने का आरोप झेल रहे विधायकों ने आयोग से दिल्ली सरकार द्वारा दायर जवाब की हार्ड कॉपी देने की मांग कर रहे थे। आयोग ने कहा कि ऐसा करना कोई बाध्यता नहीं है।
चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया कि 21 विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने की याचिका पर 17 अक्तूबर तक जवाब देना पड़ेगा। यदि उन्होंने जवाब नहीं दिया तो आयोग यह मान लेगा कि उन्हें इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं कहना और तब वह उस परिस्थिति के अनुसार निर्णय लेगा।
पहले ही आयोग के पास दस्तावेज जमा करवा दिए हैं
इस मामले में दिल्ली सरकार ने पहले ही आयोग के पास दस्तावेज जमा करवा दिए हैं। गौरतलब है कि 8 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने 21 विधायकों को संसदीय सचिव पद पर नियुक्ति को अवैध ठहरा दिया था। कोर्ट ने कहा था कि विधायकों को संसदीय सचिव बनाने का आदेश उपराज्यपाल की सहमति के बिना दिया गया था।
मामले को देख रहे पैनल ने विधायकों को दिए एक नोटिस में कहा कि ‘यदि 17 अक्तूबर तक जवाब नहीं मिला, तो यह मान लिया जाएगा कि आपको इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहना है और आयोग बिना आपको बताए उचित कार्रवाई करेगी।’
गौरतलब है कि आप विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका अधिवक्ता प्रशांत पटेल ने दायर की थी। आयोग ने पटेल को 21 आप विधायकों को 21 अक्तूबर तक रिज्वाइंडर देने को कहा है।