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दिल्ली का फॉर्मूला देशभर में अपना रही है AAP
संतोष कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 16 Mar 2014 02:00 PM IST
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लोक सभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की नजर पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले मतदाताओं पर है। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने पूर्वांचली पृष्ठभूमि के दो उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
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खास बात यह कि पूर्वांचल बहुल बस्तियों में पांच विधायक लोगों से संपर्क कर AAP को उनका सबसे बड़ा हितैषी बता रहे हैं।
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दरअसल, दिल्ली चुनाव में आप ने इस फॉर्मूले को आजमाया था। पार्टी ने पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले दस उम्मीदवार उतारे भी थे। इनमें से पांच के चुनाव जीतने से पार्टी की रणनीति कारगर साबित हुई। वहीं, कांग्रेस-भाजपा को मिलाकर सिर्फ एक विधायक पूर्वांचल पृष्ठभूमि का है।
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अब लोकसभा चुनाव में आप दोबारा इस फॉर्मूले पर काम कर रही है। पार्टी ने दो उम्मीदवार पूर्वांचल से उतारे हैं। मूलरूप से मिर्जापुर के आशुतोष को पार्टी ने चांदनी चौक से प्रत्याशी बनाया है। वहीं, बनारस से ताल्लुक रखने वाले आनंद कुमार उत्तर पूर्वी संसदीय सीट से मैदान में हैं।
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खास बात यह कि दोनों सीटों पर बड़ी संख्या में पूर्वांचल से जुड़े मतदाता हैं। पार्टी ने अपने पांचों विधायकों को खासतौर से जिम्मेदारी दे रखी है कि पूर्वांचल बहुल बस्तियों में सघन प्रचार अभियान चलाया जाए। पार्टी को उम्मीद है कि चुनाव में एक बार फिर उनका फॉर्मूला काम करेगा।
एक वरिष्ठ पदाधिकारी की मानें तो कांग्रेस-भाजपा टिकट देने की बारी आने पर पूर्वांचली समाज से कन्नी काट लेती हैं। दिल्ली के एक तिहाई आबादी के बीच से दोनों दलों ने बमुश्किल चार नेताओं को उभरने दिया है। इनमें से एक कांग्रेस के सांसद हैं, जबकि दूसरे भाजपा से विधायक।
एक तिहाई मतदाता पूर्वांचल पृष्ठभूमि के
दिल्ली में इस समय करीब 1.20 करोड़ मतदाता हैं। 2009 के चुनाव में इनकी संख्या 1.10 करोड़ थी। एक अनुमान के अनुसार बढ़े मतदाताओं में से करीब 65 फीसदी पूर्वांचली हैं। वहीं कुल मतदाताओं में इनकी संख्या एक तिहाई से ज्यादा है। सीट के हिसाब से बात की जाए तो उत्तर-पूर्वी संसदीय सीट पर करीब 28 फीसदी, पश्चिमी दिल्ली पर करीब 22, चांदनी चौक पर करीब 18, पूर्वी दिल्ली पर करीब 16 और दक्षिणी दिल्ली पर करीब 15 फीसदी मतदाता पूर्वांचली हैं।