फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   AAP government's affect started in delhi

दिल्ली में दिखने लगा AAP का असर

Mon, 30 Dec 2013 12:06 PM IST
पवन कुमार, दिल्ली
पवन कुमार, दिल्ली Updated Mon, 30 Dec 2013 12:06 PM IST
विज्ञापन
AAP government's affect started in delhi

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने का असर बिजली कंपनियों पर दिखना शुरू हो गया है। वर्ष 2014-15 में बिजली की दरें बढ़ाने के नाम पर डिस्कॉम्स ने अपना मुंह बंद कर लिया है।

विज्ञापन


कंपनियों ने बिजली की कीमतों को बढ़ाने की गेंद दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के पाले में डाल दी है। वहीं, डीईआरसी ने पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (पीपीएसी) के नाम पर बिजली की दरों को बढ़ाने से इनकार कर दिया है।
विज्ञापन


CM केजरीवाल का 'ईमेल' कनेक्शन
विज्ञापन
विज्ञापन


अहम है कि हर साल बिजली की कीमतों को बढ़ाने के लिए दिल्ली की तीनों बिजली कंपनियां और एनडीएमसी, डीईआरसी के समक्ष अपना एआरआर (एन्युअल रेवन्यु रिक्वायरमेंट) पेश करती हैं। एआरआर के साथ ही कंपनियां आयोग से बिजली की कीमतें बढ़ाए जाने की मांग भी रखती हैं।

लेकिन इस बार बिजली वितरण कंपनी टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) की ओर से वर्ष-2014-15 के लिए सौंपी गई एआरआर में कीमतें बढ़ाने की कोई मांग नहीं रखी गई है। टीपीडीडीएल ने सिर्फ एक वर्ष का लेखा-जोखा पेश कर सब कुछ आयोग के ऊपर छोड़ दिया है।

आप में शामिल होने पहुंचे कमाल फारूखी को वापस लौटाया


वहीं दिल्ली की दो-तिहाई इलाके में बिजली वितरण करने वाली बीएसईएस की राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड ने अभी तक वित्त वर्ष-2014-15 के लिए एआरआर दाखिल नहीं की है।


कंपनियों का कहना है कि फिलहाल पूरे वर्ष का लेखा-जोखा तैयार किया जा रहा है जिसे बहुत जल्द एआरआर, डीईआरसी को सौंप दिया जाएगा। माना जा रहा है कि इस बार टीपीडीडीएल की तरह राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड भी अपना लेखा-जोखा आयोग के समक्ष रख देंगी और बिजली की दरों को बढ़ाने से जुड़ा अंतिम फैसला आयोग पर छोड़ देंगी।

जानकारी के मुताबिक अभी तक तीनों बिजली कंपनियों का घाटा करीब 11,000 करोड़ रुपये का है जबकि वर्ष-2013-14 तक अनुमानित घाटा 19,000 करोड़ का आंका गया है।

कांग्रेस का हमलाः चुनाव में AAP नहीं, अराजकता जीती

डीईआरसी के चेयरमैन पीडी सुधाकर ने बताया कि टीपीडीडीएल ने वित्त वर्ष-2014-15 के लिए अपनी एआरआर सौंप दी है। उनकी ओर से बिजली कीमत बढ़ोतरी के लिए कुछ भी नहीं कहा गया है। कंपनी की ओर से सिर्फ लेखा-जोखा रख दिया गया है। हिसाब-किताब को देखने और आकलन करने के बाद बिजली की दरों पर फैसला लिया जाएगा।

जनवरी से मार्च-2014 तक के पीपीएसी के नाम पर बिजली की कीमतें नहीं बढ़ाने का फैसला लिया गया है। हालांकि डिस्कॉम्स की ओर से दो से सात फीसदी तक बिजली कीमत बढ़ाने की मांग की गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed