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AAP इफेक्टः कांन्ट्रेक्ट वाले होने लगे हैं परमानेंट
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 10 Jan 2014 01:29 PM IST
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उत्तरी दिल्ली नगर निगम में सत्तारूढ़ भाजपा के पार्षदों ने आम आदमी पार्टी के रास्ते पर चलते हुए बृहस्पतिवार को सदन की बैठक में दो प्रस्ताव पास किए।
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एक प्रस्ताव में उन्होंने अस्थाई व अनुबंध के आधार पर नियुक्त अधिकारियों व कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की, जबकि दूसरे प्रस्ताव में उन्होंने विकास कार्य करने के लिए आरडब्ल्यूए को राशि देने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने उत्तरी दिल्ली नगर निगम का नाम बदलने का भी प्रस्ताव पास किया।
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खास बात यह है कि कर्मचारियों एवं अधिकारियों को नियमित करने की मांग के समर्थन में कांग्रेस पार्षद भी कूद पड़े। उन्होंने भी अस्थाई व अनुबंध के आधार पर नियुक्त कर्मचारियों एवं अधिकारियों को नियमित करने संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिन्हें मेयर आजाद सिंह ने पास कर दिया।
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भाजपा पार्षदों ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए सदन की बैठक में तीन प्रस्ताव भले ही पास कर दिए है, लेकिन उन्हें लागू करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
कर्मचारियों एवं अधिकारियों को नियमित करने और नगर निगम का नाम बदलने के मामले में उन्हें दिल्ली सरकार का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा, जबकि आरडब्ल्यूए को विकास कार्य कराने के लिए फंड देने का कोई प्रावधान नहीं है। भाजपा पार्षदों ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम का नाम दिल्ली नगर निगम (उत्तरी) करने का सुझाव दिया है।