'आप' ने उपराज्यपाल से पूछे पांच सवाल
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आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली में सरकार बनाने के मसले पर उपराज्यपाल नजीब जंग पर हमला बोला है। पार्टी ने उनसे पांच सवाल किए हैं।
पार्टी का कहना है कि अगर उपराज्यपाल सरकार बनाने के लिए स्वतंत्र हैं तो सरकार बनवाने की कोशिशें सवालों के घेरे में क्यों खड़ी होती हैं।
पार्टी ने यह भी कहा कि उसे मजबूरन अपने सवाल सार्वजनिक करने पड़े। इसकी वजह यह रही कि पिछली मुलाकात में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल को प्रमाण के साथ एक पत्र सौंपा था, लेकिन उपराज्यपाल ने अभी तक इस पर चुप्पी साध रखी है।
पत्र में केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली में बहुमत नहीं होने के बाद भी भाजपा को सरकार बनाने के लिए बुलाने से खरीद-फरोख्त को बढ़ावा मिल रहा है। इससे जुड़ी स्टिंग ऑपरेशन की एक सीडी भी उपराज्यपाल को दी गई थी।
‘आप’ के पांच सवाल
1. माननीय उपराज्यपाल महोदय, क्या यह एक महज संयोग है कि आप दिल्ली में हर कीमत पर भाजपा की सरकार बनवाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि 12 दिसंबर को भाजपा विधायक दल के नेता डॉ. हर्षवर्धन ने लिखित में कहा था कि बहुमत नहीं होने के कारण वह विपक्ष में बैठेंगे। क्या भाजपा अपने स्टैंड से पलट गई है?
2. महोदय, आप भाजपा को सरकार बनाने के लिए जरूरी शर्तों को पूरा करने से छूट क्यों दे रहे हैं, जबकि इसी विधानसभा में भाजपा एक बार पहले विधायकों की संख्या कम होने का हवाला देकर सरकार बनाने से मना कर चुकी है?
3. महोदय, पिछले साल दिसंबर में जब आम आदमी पार्टी की सरकार बननी थी तो आपने समर्थन पत्र पर जोर दिया था। 36 विधायकों का समर्थन पत्र मिलने के बाद ही आपने सरकार बनाने की अनुमति दी थी। भाजपा के लिए वही मानदंड क्यों नहीं अपनाया जा रहा है? आप भाजपा से समर्थन पत्र क्यों नहीं मांगते?
असंवैधानिक तरीके से सरकार गठन की अनुमति दे सकते हैं?
4. महोदय, इस वर्ष फरवरी में जब केजरीवाल ने सरकार से इस्तीफा दिया था, तब भाजपा विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी थी। तब आपने उसे न्योता क्यों नहीं दिया? आप सात महीने तक इंतजार क्यों करते रहे? अभी आपने जो तत्परता दिखाई है, वह उस वक्त क्यों नहीं दिखाई।
5. महोदय, माना कि दिल्ली में सरकार गठन की जिम्मेदारी आपकी है, लेकिन क्या यह तय करना आपकी जिम्मेदारी नहीं है कि सरकार का गठन संवैधानिक तरीके से हो। संवैधानिक पद पर होते हुए आप कैसे असंवैधानिक तरीके से सरकार गठन की अनुमति दे सकते हैं?