AAP की महिला विधायक को भाजपा ने धमकाया!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में सरकार बनाने का मामला विवादों में घिरता दिख रहा है। कांग्रेस, बीजेपी और आप तीनों पार्टियां इस मामले में एक दूसरे पर आरोप लगा रही हैं।
आम आदमी पार्टी (आप) विधायकों की तरफ से भाजपा पर लगाए जा रहे खरीद-फरोख्त के आरोपों के बीच शालीमार बाग विधायक बंदना कुमारी का कहना है कि भाजपा के एक कार्यकर्ता ने उन्हें घूस देने व धमकाने की कोशिश की।
शालीमार बाग पुलिस स्टेशन में बंदना ने शिकायत भी दर्ज कराई है।
'सरकार बनवाने में मदद करो'
वहीं, पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को एक चिट्ठी लिखकर दिल्ली में सरकार बनाने पर भाजपा का रुख साफ करने की मांग की है।
आप विधायक बंदना कुमारी का कहना है कि मंगलवार शाम खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताने वाले संजय पालीवाल ने उनसे मुलाकात की।
इस दौरान उसने भाजपा में शामिल होने के साथ सरकार बनवाने में मदद की बात की।
'मंत्री पद और मोदी से मिलाने की पेशकश'
बंदना का आरोप है कि इसके लिए उसने मोटी रकम की पेशकश की। साथ ही किसी से मुलाकात का जिक्र न करने की धमकी भी दी।
बंदना ने बुधवार सुबह इसकी शिकायत शालीमार बाग पुलिस स्टेशन में की। इस दौरान उन्होंने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी सौंपा। जिसमें बंदना के मुताबिक, पालीवाल की तस्वीर और उसके कार का नंबर दर्ज है।
बंदना का कहना है कि रकम व मंत्री पद की पेशकश करने के साथ पालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मीटिंग कराने की बात भी कही थी।
केजरीवाल ने चिट्ठी में क्या लिखा?
केजरीवाल ने बुधवार दोपहर बाद भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ को चिट्ठी लिखी। केजरीवाल का कहना है कि पिछले पांच महीने से दिल्ली में कोई चुनी सरकार नहीं है। इससे आम लोग बिजली, पानी, भ्रष्टाचार जैसे मसलों से परेशान है।
चिट्ठी में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ लोग उनकेविधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश कर रहे हैं। लोकतंत्र के लिए यह अत्यन्त खेदजनक है। केजरीवाल ने गृहमंत्री से गुजारिश की है कि भाजपा यदि दिल्ली में चुनाव करवाना चाहती है तो उपराज्यपाल को इसकी लिखित जानकारी दे।
इससे दिल्ली में जल्द चुनाव हो सके। इसके साथ ही इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट में चार जुलाई को होने वाली सुनवाई में भी भाजपा को अपना रुख साफ करना चाहिए।