पुलिस कांस्टेबल ने दिया मोदी को जवाब
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क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि किसी पुलिस वाले से प्रधानमंत्री शिकायत करें और वह पलट कर उन्हें ऐसा जवाब दे कि प्रधानमंत्री को उनके फैसले पर सोचने को मजबूर कर दे।
यह कोई कपोल कल्पना नहीं बल्कि सच्चाई है। गत दो अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की।
इस अभियान की शुरूआत के लिए उन्होंने दिल्ली के वाल्मीकि मंदिर को चुना। सुबह करीब आठ बजे जब प्रधानमंत्री का काफिला वाल्मीकि सदन पहुंचा।
प्रोटोकॉल के मुताबिक मोदी को सबसे पहले वाल्मीकि मंदिर जाना था। लेकिन कार से उतरते ही वह इसी इलाके में पड़ने वाले मंदिर मार्ग पुलिस थाने पहुंच गए।
थाने की हालत बेहद खराब थी। जहां से प्रधानमंत्री पूरे देश को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने पहुंचे थे उसी इलाके के थाने की हालत ऐसी थी कि बयां नहीं की जा सकती थी।
कांस्टेबल ने दिया बेबाक जवाब
मंदिर मार्ग थाने के बाहर चारों ओर बेहद सफाई थी लेकिन, थाने के अंदर गंदगी का अंबार लगा हुआ था। प्रधानमंत्री ने झाड़ू उठाई और खुद ही थाने को साफ करने लगे। देश भर की मीडिया ने इस तस्वीर को प्रमुखता से छापा।
इस मामले में पुलिस वालों को विलेन की तरह पेश किया गया। प्रधानमंत्री को भी कम गुस्सा नहीं आया। उन्होंने पुलिस वालों की क्लास लगा दी।
पुलिस वालों को झड़प लगाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब आप अपने थाने की सफाई नहीं कर सकते तो लोगों को क्या संदेश देंगे।
इस पर वहीं खड़े एक पुलिस वाले ने मोदी को जवाब देते हुए कहा कि सर सफाई तो हम भी करना चाहते थे लेकिन पूरा थाना तो आपकी सुरक्षा व्यवस्था में लगा हुआ है। हमें अपना काम करने का वक्त ही नहीं मिलता, तो फिर थाने की सफाई कब करें।
अगले ही दिन लिया बड़ा फैसला
एक पुलिस कांस्टेबल की इस बहादुरी और बेबाकी ने मोदी की आंखें खोल दीं। अगले ही दिन प्रधानमंत्री कार्यालय ने दिल्ली पुलिस के साथ एक मीटिंग की और प्रधानमंत्री की सुरक्षा के संबंध में नई गाइड लाइन जारी कर दी।
इस गाइड लाइन में साफ कहा गया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में उतने ही पुलिस वाले लगाए जाएं जितने की जरूरी हों। सुरक्षा के नाम पर पूरे इलाके को किले में तब्दील करने की कोई जरूरत नहीं है।
गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री अपने कैबिनेट सहयोगी और रक्षा मंत्री अरूण जेटली को देखने अस्पताल गए थे। प्रधानमंत्री के काफिले की सुरक्षित निकासी के लिए दिल्ली के कई रूट का ट्रैफिक रोक दिया गया था। इस बात की भी काफी आलोचना हुई थी।