सूरत पर परमाणु हमला करना चाहता था भटकल
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अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमले से यासीन भटकल को इंडियन मुजाहिदीन बनाने का आत्मविश्वास मिला था। वह सूरत पर हमला करने के लिए पाकिस्तान से परमाणु हथियार हासिल करना चाहता था।
यह जानकारी एनआईए व दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा जांच के दौरान सामने आई थी। दोनों एजेंसियों ने इस मामले में अलग-अलग चार्जशीट पेश की है।
स्पेशल सेल की चार्जशीट में यासीन भटकल के बयान का जिक्र करते हुए कहा गया है कि पहले वह आतंकी गतिविधियों के लिए खुद को असमर्थ मानता था, लेकिन अमेरिका में हुए आतंकी हमले ने उसे आईएम के गठन करने के लिए आत्मविश्वास दिया और उसके इरादे को मजबूत किया था।
पाकिस्तान से परमाणु हथियार चाहता था भटकल
एनआईए ने 270 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट में कहा है कि आईएम के आका यासीन व रियाज भटकल सूरत पर परमाणु हमले की साजिश रच रहे थे। इसके लिए वे पाकिस्तान से परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश कर रहे थे।
जुलाई 2008 में सूरत व अहमदाबाद में सीरियल ब्लास्ट करने में नाकाम रहने के बाद उन्होंने पाकिस्तान से परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश तेज कर दी थी।
चार्जशीट में यासीन व रियाज के बीच इंटरनेट पर हुई चैट का जिक्र भी किया गया है। इसमें यासीन पाकिस्तान में बैठे रियाज से परमाणु हथियार मिलने के बारे में पूछ रहा है।