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अस्पतालों में दिल्ली वालों के लिए 80 फीसदी बिस्तर आरक्षित, दिखाना होगा वोटर आईडी कार्ड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 01 Oct 2018 10:17 PM IST
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जीटीबी अस्पताल
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दिल्ली वालों को जल्द ही राजधानी के सभी सरकारी अस्पतालों में 80 फीसदी बिस्तर आरक्षित मिलेंगे। इस कड़ी में पूर्वी दिल्ली के सबसे बड़े अस्पताल गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) में पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद दिल्ली सरकार ने योजना को जीटीबी अस्तपाल में लागू कर दिया है। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने खुद इस अस्पताल में पहुंचकर निरीक्षण भी किया। जैन ने मरीजों व तीमारदारों से बातचीत भी की।
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दिल्ली सरकार का कहना है कि दिल्ली के अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके कारण कई बार राजधानी के लोगों को ही समय पर उपचार नहीं मिल पाता है। इसलिए सरकार अभी जीटीबी अस्पताल में इस योजना की शुरुआत की है। इस अस्पताल में 17 में से 13 काउंटर सिर्फ दिल्ली वालों के लिए आरक्षित होंगे। इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंचने पर मरीज को अपना वोटर आईडी कार्ड दिखाना होगा। दिल्ली और बाहरी राज्यों के मरीज के बाकायदा अलग-अलग रंग के कार्ड भी बनाए जाएंगे। योजना सफल रही तो दिल्ली सरकार अपने अन्य अस्पतालों में भी इस योजना को लागू करेगी।
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मुफ्त दवा भी सिर्फ दिल्ली के लोगों को मिलेगी
सरकार ने यह भी तय किया है कि दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली वालों को ही मुफ्त दवा की सुविधा दी जाएगी। हालांकि रक्त जांच, एक्सरे जैसी सामान्य सुविधाएं सभी के लिए निशुल्क रहेंगी। इसके अलावा अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं भी सभी मरीजों के लिए रहेंगी।
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20 फीसदी बिस्तर बाहरी राज्यों के लोगों के लिए आरक्षित
अस्पताल में दिल्ली वालों के लिए 80 फीसदी बिस्तर और बाहरी राज्य के मरीजों को 20 फीसदी बिस्तर आरक्षित होगा। अस्पतालों में दिल्ली वालों को भर्ती, जांच, दवाएं, ऑपरेशन इत्यादि इलाज की सुविधाओं में वरियता दी जाएगी। अगर कोई मरीज 18 वर्ष की आयु से कम है तो उसे अपने माता पिता का पहचान पत्र अस्पताल में दिखाना होगा। दिल्ली का पहचान पत्र होने के बाद ही उसे चिकित्सीय सुविधा मिलेगी।