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Terrorism : जम्मू-कश्मीर में 59 विदेशी आतंकवादियों समेत 76 दहशतगर्द सक्रिय, ज्यादातर लश्कर के
Fri, 14 Mar 2025 01:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा
एजेंसी, दिल्ली
एजेंसी, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 14 Mar 2025 01:36 AM IST
सार
आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 2024 में इसी अवधि में 91 आतंकवादी सक्रिय थे। मौजूदा 76 सक्रिय आतंकवादियों में से 17 स्थानीय आतंकी हैं जो केंद्रशासित प्रदेश में सक्रिय हैं।
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- फोटो : संवाद
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में मौजूदा समय में हिजबुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-ताइबा के 59 विदेशी समेत 76 आतंकवादी सक्रिय हैं। सरकारी सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
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आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 2024 में इसी अवधि में 91 आतंकवादी सक्रिय थे। मौजूदा 76 सक्रिय आतंकवादियों में से 17 स्थानीय आतंकी हैं जो केंद्रशासित प्रदेश में सक्रिय हैं। सूत्रों ने बताया कि 59 सक्रिय विदेशी आतंकवादियों में से तीन हिजबुल मुजाहिदीन, 21 जैश-ए-मोहम्मद और 35 लश्कर-ए-ताइबा के हैं।
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हालांकि, 17 स्थानीय आतंकवादियों में से तीन जम्मू में और 14 घाटी में सक्रिय हैं। 2024 में 91 सक्रिय आतंकवादियों में से 61 विदेशी आतंकवादी और 30 स्थानीय आतंकवादी थे। आंकड़ों से पता चलता है कि 2022 में 135 आतंकवादी सक्रिय थे। इनमें से 85 विदेशी और 50 स्थानीय आतंकवादी थे। 2022 में सक्रिय आतंकवादियों के आंकड़े की तुलना में 2023 में सक्रिय आतंकवादियों की संख्या में लगभग 48.35 प्रतिशत की गिरावट आई है।
ज्यादातर सक्रिय आतंकी लश्कर के
मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि सक्रिय आतंकवादियों में से अधिकांश लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े हैं। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों की संख्या में निरंतर गिरावट क्षेत्र में आतंकवाद-रोधी अभियानों में तेजी का परिणाम है। सरकार ने आतंकवाद को खत्म करने और जम्मू-कश्मीर में शांति सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। खुफिया एजेंसियां क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क की पहचान करने और उन्हें नष्ट करने के लिए काम कर रही हैं।
2023 में मारे गए थे 72 आतंकी
आंकड़ों के अनुसार, 2023 में कुल 72 आतंकवादियों को मार गिराया गया। इनमें 22 स्थानीय और 50 विदेशी आतंकवादी थे। 2022 में कुल 187 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें 130 स्थानीय और 57 विदेशी आतंकवादी शामिल हैं। कश्मीर घाटी में आतंकवाद संबंधी हिंसा और स्थानीय भर्ती में काफी कमी आई है। आतंकवादियों ने अपना ध्यान जम्मू की ओर केंद्रित कर लिया है, जो 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को हटाए जाने से पहले एक आतंकवाद-मुक्त क्षेत्र था।
पाकिस्तान से मिलती है आतंकी गुटों को सहायता
पाकिस्तान स्थित आतंकी गुट मुख्य रूप से जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-ताइबा 2001 के भारतीय संसद हमले, 2016 के उरी हमले और 2019 के पुलवामा बम विस्फोट सहित बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार हैं। ये समूह नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ के मार्गों का उपयोग करते हुए सीमा पार से सैन्य सहायता प्राप्त कर अपना काम करते हैं। हिजबुल मुजाहिदीन ने पारंपरिक रूप से स्थानीय आतंकवादियों की भर्ती पर ध्यान केंद्रित किया है।