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Delhi NCR News: डीटीयू में 547 शोध पुरस्कार वितरित
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-विशेषज्ञों ने कहा समाज तक पहुंचे तकनीक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) में शुक्रवार को अनुसंधान एवं नवाचार उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और शोधार्थियों को कुल 547 पुरस्कार प्रदान किए गए। विशेषज्ञों ने शोध को केवल प्रकाशन तक सीमित न रखकर उसे तकनीक और समाधान के रूप में समाज तक पहुंचाने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिवकुमार कल्याणरमन मुख्य अतिथि थे। विशिष्ट अतिथि सीएसआईआर-सीएसआईओ के निदेशक शांतनु भट्टाचार्य ने कहा कि शोध और नवाचार को समस्या समाधान से जोड़ा जाना चाहिए। भट्टाचार्य ने शोधकर्ताओं से कहा कि शोध-पत्र प्रकाशित करना ही अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने तकनीक के विकास और उसके व्यावसायीकरण को अगले चरण की अहम जरूरत बताया।
कुलपति प्रतीक शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य सामाजिक चुनौतियों के समाधान के साथ प्रयोगशाला में तैयार तकनीक को वास्तविक जीवन में उपयोगी बनाना है। अनुसंधान एवं विकास अधिष्ठाता गिरिश कुमार ने विश्वविद्यालय में मजबूत हो रहे शोध परिवेश को रेखांकित किया। उन्होंने शोधकर्ताओं की उपलब्धियों की सराहना की।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) में शुक्रवार को अनुसंधान एवं नवाचार उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और शोधार्थियों को कुल 547 पुरस्कार प्रदान किए गए। विशेषज्ञों ने शोध को केवल प्रकाशन तक सीमित न रखकर उसे तकनीक और समाधान के रूप में समाज तक पहुंचाने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिवकुमार कल्याणरमन मुख्य अतिथि थे। विशिष्ट अतिथि सीएसआईआर-सीएसआईओ के निदेशक शांतनु भट्टाचार्य ने कहा कि शोध और नवाचार को समस्या समाधान से जोड़ा जाना चाहिए। भट्टाचार्य ने शोधकर्ताओं से कहा कि शोध-पत्र प्रकाशित करना ही अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने तकनीक के विकास और उसके व्यावसायीकरण को अगले चरण की अहम जरूरत बताया।
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कुलपति प्रतीक शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य सामाजिक चुनौतियों के समाधान के साथ प्रयोगशाला में तैयार तकनीक को वास्तविक जीवन में उपयोगी बनाना है। अनुसंधान एवं विकास अधिष्ठाता गिरिश कुमार ने विश्वविद्यालय में मजबूत हो रहे शोध परिवेश को रेखांकित किया। उन्होंने शोधकर्ताओं की उपलब्धियों की सराहना की।
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