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डाक विभाग में 50 लाख का घोटाला!
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 14 Apr 2014 12:26 AM IST
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डाक विभाग में मृतक कर्मचारियों के परिजनों की सहायता राशि में भी घपला किया गया। मृतकों केपरिवारों की आर्थिक सहायता को आए एकाउंट भुगतान वाले ड्राफ्टों को स्टेट बैंक से दूसरे खाते से भुगतान करा लिया गया।
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इसमें करीब 50 लाख रुपये के घपले की आशंका है। डाक विभाग के कर्मचारी हरविंदर सिंह, हेमेंद्र सिंह तोमर, सुनील सिरोही और अरविंद शर्मा का 20 जून 2013 की सुबह यमुना एक्सप्रेस वे पर एक्सीडेंट हो गया। इसमें चारों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
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परिजनों की आर्थिक सहायता के लिए डाक निदेशक के खातेे के पते पर विभागीय कर्मचारियों-अधिकारियों से ड्राफ्ट भेजे थे। करीब एक करोड़ रुपये के एकाउंट भुगतान वाले ड्राफ्ट डाक निदेशक आरकेबी सिंह को मिलने का अनुमान है।
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यह हुआ खेल
डाक निदेशक आरकेबी सिंह ने सहायता राशि के एकाउंट भुगतान वाले ड्राफ्ट के पीछे एंड्रोज्ड कर दूसरे खाते में भेज दिया गया। इनमें से कई ड्राफ्ट को सीनियर पोस्टमास्टर के सरकारी खाते में भेजकर भुगतान कराया गया। महज 20 लाख की धनराशि मृतकों के परिजनों को दी गई।
यह हुआ घपला
ड्राफ्ट का भुगतान डाक निदेशक के खाते में होना था। मगर ऐसा नहीं हुआ। ड्राफ्ट को कई खातों में भेजने और कुछ का भुगतान खुद के खाते से लेने का आरोप है।