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एक्सप्रेसवे पर चक्का जाम करने जा रहे 43 किसानों को भेजा जेल, तैनात रही 10 थानों की पुलिस

Mon, 23 Sep 2019 09:08 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जेवर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जेवर Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 23 Sep 2019 09:08 PM IST
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43 farmers send jail from yamuna expressway over protest against jewar airport
धरने पर बैठे किसान - फोटो : अमर उजाला

यमुना एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर चक्का जाम करने जा रहे 43 किसानों को शांति भंग के आरोप में जेल भेज दिया गया है। एयरपोर्ट किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसान जमीन अधिग्रहण से मिलने वाले मुआवजे की रकम के विरोध में टोल प्लाजा जाम करने जा रहे थे। हालात को संभालने के जेवर कस्बे व टोल प्लाजा के आसपास 10 थानों की पुलिस तैनात रही। पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे।

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करीब एक वर्ष से नोएडा एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहण की जाने वाली जमीन की मुआवजा दरों में वृद्धि को लेकर किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसान लगातार धरना दे रहे हैं। समिति के अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने सोमवार को जेवर कस्बे में बाजार बंद कराने एंव यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल प्लाजा के पास चक्का जाम करने का एलान किया था। 
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सोमवार को किसान दयानतपुर शिव मंदिर पर एकत्र हुए और ट्रैक्टर एवं दो बसों में सवार होकर जेवर के लिए कूच कर गए। चक्का जाम की सूचना पर जेवर ढुढेरा गांव के बीच रास्ते में भारी पुलिस फोर्स के साथ अफसर मौजूद थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से वार्ता कर चक्का जाम नहीं करने की अपील की, लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े रहे। 
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मौके पर मौजूद एडीएम बलराम सिंह, एसपी देहात रणविजय सिंह, उपजिलाधिकारी जेवर गुंजा सिंह, एयरपोर्ट प्रभारी अधिकारी अभय कुमार सिंह ने किसानों को बस में बिठाकर हिरासत में लेते हुए पुलिस लाइन भेज दिया। उपजिलाधिकारी जेवर ने बताया कि किसान मानने को तैयार नही थे। जिसके बाद 43 किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 
 

चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस, भागे किसान
किसानों के विरोध को देखते हुए जेवर कस्बे में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई थी। रविवार शाम को ही जेवर कस्बे में फ्लैग मार्च कर व्यापारियों को दबाव में आकर दुकान बंद नहीं करने को कहा गया था। एयरपोर्ट किसान संघर्ष समिति के पांच लोगों को पांच-पांच लाख के मुचलके से पाबंद किया था। सोमवार को किसानों के बाजार बंद कराने के कूच की सूचना के बाद जेवर ढुढेरा मार्ग, साबौता कट, यमुना एक्सप्रेसवे इंटरचेंज एवं मैन टोल के अलावा किशोरपुर और कस्बे में भारी पुलिस फोर्स तैनात की थी। जेवर ढुढेरा मार्ग पर वाहनों से पहुंचे कुछ किसान पुलिस को देखकर भाग खड़े हुए। बचे हुए किसानों को हिरासत में ले लिया गया। 

पुलिस-प्रशासन पर आवाज दबाने का आरोप
समिति के अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने प्रेस नोट जारी कर जिला प्रशासन पर आरोप किसानों को जबरन पुलिस लाइन लाने का आरोप लगाया है। किसानों का आरोप है कि सभी छह गांवों में शहर जैसी एक भी सुविधा नहीं है। ऐसे में इसे शहरी क्षेत्र घोषित कर चार गुने की जगह दो गुना मुआवजा लेने के लिए जबरन दबाव बनाया जा रहा है। किसानों ने दयानतपुर गांव में मांग पूरी होने तक धरना जारी रखने का भी एलान किया है। 

किसानों से सहमति के आधार पर जमीन अधिग्रहण का कार्य चल रहा है। कुछ लोग माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। धरने पर बैठे लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन नहीं माने। पर्दे के पीछे से भी कुछ माहौल बिगाड़ रहे हैं। सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी। - रणविजय सिंह एसपी देहात 

यह हैं किसानों की मांगें
किसान अधिग्रहण की जाने वाली जमीन के सर्किल रेट के चार गुने मुआवजे, आबादी की 100 प्रतिशत भूखंड एंव कृषि भूमि के 20 प्रतिशत विकसित भू खंड के अलावा विस्थापन नीति की मांग को लेकर बीते एक साल से धरना दे रहे हैं।
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