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हवाओं में जहरः 40 फीसदी आबादी ने जताई दूसरे शहरों में जाने की इच्छा
Mon, 04 Nov 2019 06:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 04 Nov 2019 06:18 AM IST
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प्रदूषण का कहर
- फोटो : अमर उजाला
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जहरीली हवा के चलते दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों ने दूसरे शहरों में जाने की इच्छा जताई है। नौकरियों या अन्य वजहों के चलते यहां रहने पर मजबूर तकरीबन 40 फीसदी लोग दूसरे शहरों का रुख करना चाहते हैं।
एक सर्वे से यह खुलासा हुआ है। 17 हजार से ज्यादा लोगों पर कराए गए इस सर्वे के मुताबिक, 13 फीसदी निवासियों का मानना है कि उनके पास प्रदूषण की चुनौतियों से पार पाने का कोई विकल्प नहीं है। वहीं, 31 फीसदी लोगों ने दिल्ली-एनसीआर में रहने की बात कही है। उनका कहना है कि वे प्रदूषण से पार पाने के लिए एयर प्यूरीफायर, मास्क जैसे उपकरणों का सहारा लेंगे।
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आनलाइन प्लेटफॉर्म लोकल सर्कल द्वारा कराए गए इस सर्वे के मुताबिक, 16 फीसदी लोगों ने कहा, वे दिल्ली-एनसीआर में ही रहना चाहेंगे, मगर ऐसे माहौल में वे कुछ समय के लिए कहीं और जाना चाहेंगे।
जब लोगों से पूछा गया कि क्या बीते दिनों में प्रदूषण के चलते उन्हें और उनके परिवार वालों को स्वास्थ्य संबंधी शिकायत आई है तो 13 फीसदी लोगों ने कहा, एक या उससे ज्यादा लोग पहले ही अस्पताल जा चुके हैं। वहीं, 29 फीसदी ने कहा, वे इस दौरान कम से कम एक डॉक्टर को तो दिखा ही चुके हैं।
जबकि 44 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें तो आईं, मगर वे किसी डॉक्टर के पास या अस्पताल नहीं गए। वहीं, सिर्फ 14 फीसदी लोगों ने कहा, उन्हें प्रदूषण के चलते स्वास्थ्य संबंधी कोई शिकायत नहीं हुई।
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एक सर्वे से यह खुलासा हुआ है। 17 हजार से ज्यादा लोगों पर कराए गए इस सर्वे के मुताबिक, 13 फीसदी निवासियों का मानना है कि उनके पास प्रदूषण की चुनौतियों से पार पाने का कोई विकल्प नहीं है। वहीं, 31 फीसदी लोगों ने दिल्ली-एनसीआर में रहने की बात कही है। उनका कहना है कि वे प्रदूषण से पार पाने के लिए एयर प्यूरीफायर, मास्क जैसे उपकरणों का सहारा लेंगे।
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आनलाइन प्लेटफॉर्म लोकल सर्कल द्वारा कराए गए इस सर्वे के मुताबिक, 16 फीसदी लोगों ने कहा, वे दिल्ली-एनसीआर में ही रहना चाहेंगे, मगर ऐसे माहौल में वे कुछ समय के लिए कहीं और जाना चाहेंगे।
जब लोगों से पूछा गया कि क्या बीते दिनों में प्रदूषण के चलते उन्हें और उनके परिवार वालों को स्वास्थ्य संबंधी शिकायत आई है तो 13 फीसदी लोगों ने कहा, एक या उससे ज्यादा लोग पहले ही अस्पताल जा चुके हैं। वहीं, 29 फीसदी ने कहा, वे इस दौरान कम से कम एक डॉक्टर को तो दिखा ही चुके हैं।
जबकि 44 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें तो आईं, मगर वे किसी डॉक्टर के पास या अस्पताल नहीं गए। वहीं, सिर्फ 14 फीसदी लोगों ने कहा, उन्हें प्रदूषण के चलते स्वास्थ्य संबंधी कोई शिकायत नहीं हुई।