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हत्या की रिपोर्ट न लिखने पर 3 पुलिसवालों पर केस
अमर उजाला, लोनी
Updated Thu, 20 Feb 2014 12:52 AM IST
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युवक की हत्या के मामले में रिपोर्ट न लिखने और लापरवाही बरतने के आरोप में तीन पुलिसवालों के खिलाफ लोनी थाने में एनसीआर दर्ज की गई है। रिपोर्ट लोनी थाना प्रभारी गोरखनाथ यादव ने दर्ज कराई है। एसएसपी ने बताया कि तत्कालीन लोनी इंस्पेक्टर राजेश द्विवेदी, राशिद अली समेत तीन को आरोपी बनाया गया है।
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24 मई 2011 को इंद्रापुरी कालोनी निवासी बिजेंद्र जंगल में बेहोश पड़े मिले थे। मुंह से झाग निकल रहे थे। पत्नी मंजू ने बिजेन्द्र को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उनकी मौत हो गई थी। मंजू ने ननद, ननदोई और ननदोई के दोस्त सीताराम के िखलाफ हत्या की तहरीर दी थी।
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आरोप था कि ननद और ननदोई उनका मकान हड़पना चाहते थे, आरोपियों ने उनके पति को घर से बुलाकर जहर दे दिया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 14 सितंबर 2011 को हत्यारोपियों के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, कार्रवाई नहीं की।
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शव का पोस्टमार्टम कराने के पांच माह तक विसरा भी जांच के लिए नहीं भेजा। कोर्ट के माध्यम से पुलिस से केस की प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी गई, तब पुलिस ने विसरा जांच के लिए भेजा। अगली बार केस की प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी तो पुलिस ने आरोपियों को फरार बता दिया।
मंजू ने 25 नवंबर 2011 को हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। 14 मई 2013 को विसरा रिपोर्ट आई, इसमें जहर देने की पुष्टि हुई, तब पुलिस ने एक माह बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। ननद बबिता और ननदोई मुन्ना अभी जेल में हैं, सीताराम जमानत पर है।
डीआईजी ने दर्ज किए बयान
केस की पैरवी कर रही मंजू ने बताया कि 12 फरवरी की रात सीओ बार्डर अरविंद यादव ने उनके इंद्रापुरी कालोनी आवास पर पहुंचकर उनके बयान दर्ज किए थे। 13 फरवरी को उन्हें डीआईजी के सामने पेश करने के लिए गाजियाबाद बुलाया गया था, लेकिन डीआईजी नही आए तो 15 फरवरी को उन्हें मेरठ ले जाया गया, डीआईजी ने उनके बयान दर्ज किए।