{"_id":"01b71a90b385ae12cdc690b5e3618ba4","slug":"17-hour-power-cut-people-were-longing-water","type":"story","status":"publish","title_hn":"17 घंटे पावर कट, पानी को तरस गए लोग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
17 घंटे पावर कट, पानी को तरस गए लोग
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 06 Jul 2014 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुर्जा-मुरादनगर 220 केवी लाइन में फाल्ट की वजह से शुक्रवार देर रात से आधे शहर की बिजली गुल हो गई। सुबह तक आपूर्ति सुचारु न हो पाने से शहर में पानी के लिए भी हाहाकार मच गया।
विज्ञापन
कारपोरेशन ने लोनी से पावर सप्लाई लेकर शहर की कालोनियों में आपूर्ति शुरू की, लेकिन इससे सभी कालोनियों की डिमांड की पूर्ति नहीं हो पाई। इस दौरान औद्योगिक क्षेत्रों को बिजली नहीं मिली।
विज्ञापन
पावर कारपोरेशन की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद फाल्ट ठीक कर 17 घंटे बाद शनिवार शाम सवा पांच बजे लाइन चालू कर विद्युत आपूर्ति बहाल की। इससे पूर्व पावर कट की वजह से निगम के नलकूप और घरों में लगे सबमर्सिबल नहीं चल पाए।
विज्ञापन
गर्मी से बिलबिलाए लोगों को पानी भी मयस्सर नहीं हो पाया। लोग नगर निगम को फोन कर पानी की डिमांड करते रहे। पावर कारपोरेशन के अधिकारियों के फोन भी शनिवार को दिनभर घनघनाते रहे।
मुरादनगर 220 केवी सब-स्टेशन में खुर्जा लाइन से बिजली सप्लाई मिलती है। शुक्रवार देर रात करीब साढ़े 12 बजे सिकंदराबाद के पास लाइन में फाल्ट हो गया। इससे मुरादनगर 220 केवी बिजलीघर बंद हो गया।
इसके बंद होते ही मोदीनगर, मुरादनगर, डासना समेत गाजियाबाद की राजनगर, कविनगर, संजय नगर, गोविंदपुरम, अवंतिका, चिरंजीव विहार, सेवा नगर, नंदग्राम, घूकना, सिहानी, जीटी रोड, रमतेराम रोड समेत 20 से ज्यादा कालोनियों में ब्लैक आउट हो गया।
करीब दो घंटे बाद पावर कारपोरेशन के ट्रांसमिशन विभाग ने लोनी से बिजली लेकर सप्लाई शुरू की। इससे कुछ कालोनियों को ही आपूर्ति मिल सकी। कारपोरेशन ने दो-दो घंटे कालोनियों को विद्युत आपूर्ति दी। इस दौरान औद्योगिक इकाइयों में आपूर्ति ठप रही।
बिजली चोरी के खिलाफ अभियान भी हुआ प्रभावित
बिजली कटौती की वजह से पावर कारपोरेशन का विद्युत चोरी के खिलाफ चल रहा अभियान भी प्रभावित रहा। कालोनियों में बिजली न होने से विद्युत अधिकारी भी लोगों के गुस्से से डरे दिखाई दिए।
अफसरों को डर था कि लंबी कटौती से लोगों का गुस्सा कहीं अफसरों पर न फूट पड़े। ऐसे में अधिकतर कालोनियों में शनिवार को यह अभियान नहीं चल पाया।