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150 वाटर हारवेस्टिंग, फिर भी नहीं सुधर रहा जलस्तर

Wed, 04 May 2016 07:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Wed, 04 May 2016 07:24 AM IST
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150 water harvesting, water levels still not improving
पानी - फोटो : getty

पूरे शहर में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। नगर निगम ने पिछले तीन साल में अलग-अलग स्थानों पर डेढ़ से अधिक वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम लगाने का दावा किया है, फिर भी जलस्तर में सुधार नहीं हो रहा है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध तरीके से हो रहे जल दोहन और ठीक ढंग से पानी रिचार्ज न होने के कारण ही जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इसे अभी भी गंभीरता से नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में संकट विकराल हो जाएगा।
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पिछले दिनों विधानसभा सत्र के दौरान एनआईटी से इनेलो विधायक नगेंद्र भड़ाना ने सरकार से सवाल पूछा था कि एनआईटी क्षेत्र में कितने वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम लगे हैं। इस पर निगम ने सरकार को जो जवाब भेजा है उसके तहत एनआईटी, ओल्ड और बल्लभगढ़ जोन में 148 वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम लगे हुए हैं, जो वर्ष 2013 से कार्यरत हैं। साथ ही 42 और लगाने का काम चल रहा है।
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नहर पार से अरावली तक माफिया का जाल
आरटीआई कार्यकर्ता वरुण श्योकंद और सतपाल सिरोही का कहना है कि नहर पार से लेकर अरावली तक जल माफिया का जाल फैला हुआ है। अवैध तरीके से बोरिंग करके पानी का व्यापक पैमाने पर व्यापार किया जा रहा है।


इसमें नगर निगम अधिकारियों की भी भूमिका है। कई पानी माफियाओं को सत्ता और विपक्ष का संरक्षण प्राप्त है। केंद्रीय भूजल बोर्ड के पूर्व चेयरमैन बीएम झा का कहना है कि जिस अनुपात में दोहन हो रहा है, उस अनुपात में पानी रिचार्ज नहीं हो पा रहा है। यही कारण है कि जलस्तर लगातार गिर रहा है। शहर में अधिक से अधिक वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम लगाकर वर्षा के जल का संचयन जरूरी है।

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