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कचरे से तैयार होगी 15 मेगावाट बिजली, नगर निगम के राजस्व में होगा हर माह 3 करोड़ तक का इजाफा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 08 Sep 2018 05:44 AM IST
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कचड़ा
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उत्तरी दिल्ली में रोजाना पैदा हो रहे 1500 मीट्रिक टन कचरे से बिजली बनाने के लिए जल्द ही वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाया जाएगा। सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) आधार पर शुरू होने वाले इस प्लांट से निगम को हर महीने करीब ढाई से तीन करोड़ के राजस्व की प्राप्ति होगी। शुक्रवार को उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में इस संबंध में रखे गए प्रस्ताव को पास किया गया। करीब 15 एकड़ में प्रस्तावित प्लांट के लिए भलस्वा और बवाना में जमीन मुहैया करवाने पर विचार किया जा रहा है।
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प्लांट की शुरुआत से न केवल टनों कचरे के निष्पादन की समस्या दूर होगी, बल्कि कचरे से बिजली पैदा कर आपूर्ति की जाएगी। प्लांट में 15 मेगावाट बिजली तैयार होगी, जिसका 11.88 फीसदी हिस्सा दक्षिणी नगर निगम के लिए राजस्व अर्जन का स्रोत होगा।
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स्थायी समिति की अध्यक्ष वीणा विरमानी ने बताया कि पीपीपी आधार पर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट तैयार किए जाने का प्रस्ताव पास होने के बाद जल्द ही इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि भलस्वा और बवाना दोनों जगहों पर इसके लिए जगह उपलब्ध है, जिस पर जल्द फैसला कर शुरू करने की दिशा में निगम कदम आगे बढ़ाएगा। विरमानी ने बताया कि खासतौर पर इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि प्लांट से कम से कम अवशेष निकले। बिजली तैयार होने के बाद इसकी आपूर्ति की जाएगी। बिजली की बिक्री से प्राप्त होने वाली राशि में निगम की 11.88 फीसदी हिस्सेदारी रहेगी।
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निगम के राजस्व में हर माह तीन करोड़ का होगा इजाफा
प्लांट के निर्माण में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि इसकी वजह से आसपास के क्षेत्रों में रहने वालों को बदबू का सामना न करना पड़े। इसके लिए नई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके निर्माण से कचरा प्रबंधन के साथ-साथ निगम के राजस्व में मासिक करीब तीन करोड़ तक का इजाफा होगा।