एक और बिल्डिंग कांड, फ्लैट खरीदारों को झटका
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नोएडा में आशियाना बसाने का सपना महंगा पड़ सकता है। अवैध तरीके से खड़ी हो रही इमारतें परेशानी बढ़ा सकती हैं। ऐसी ही एक इमारत का खुलासा हुआ है।
सेक्टर-84 में बिना ले आउट प्लान मंजूर कराए बिल्डर ने 14 मंजिला इमारत खड़ी कर दी। नोएडा प्राधिकरण की टीम शनिवार को सील लगाने पहुंची थी, लेकिन प्रोजेक्ट साइट पर चल रहा काम रुकवाकर ही लौट गई।
इलाबास गांव के नजदीक 14 मंजिला इमारत के तीन टावर बन चुके हैं। करीब पांच एकड़ जमीन पर इस प्रोजेक्ट का काम चल रहा है, जिसमें 500 से ज्यादा फ्लैट बन रहे हैं।
प्राधिकरण के मुताबिक, जिला पंचायत से नक्शा पास कराकर बिल्डर बहुमंजिला इमारत का निर्माण कर रहा है, लेकिन इतनी ऊंची इमारत का निर्माण प्राधिकरण से ले आउट प्लान मंजूर कराए बिना नहीं हो सकता।
शिकायत मिलने पर प्राधिकरण की टीम पुलिस बल और पीएसी के साथ इमारत को सील करने के लिए पहुंची थी। प्रोजेक्ट साइट पर मौजूद कुछ लोगों ने कार्रवाई रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया।
लंबे समय से चल रहा है निर्माण
इन पर सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज कराया गया है। प्रोजेक्ट साइट पर करीब 400 मजदूर काम कर रहे थे। हालांकि, पुलिस और पीएसी की मदद से साइट को खाली करा लिया गया, लेकिन दो घंटे चली कार्रवाई के बाद इमारत को सील किए बिना ही प्राधिकरण की टीम लौट गई।
पांच एकड़ में बनी इमारत का निर्माण लंबे समय से चल रहा है, लेकिन शुरुआत में ही इसकी भनक प्राधिकरण को क्यों नहीं लगी। यह एक बड़ा सवाल है।
अगर इस इमारत को बनाने में बरती जा रही लापरवाही का खुलासा नहीं हुआ होता तो आने वाले समय में निवेशकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता।
बिना ले आउट प्लान पास कराए नहीं हो सकता काम
अधिकारियों के मुताबिक, नोएडा का गठन स्पेशल एक्ट के तहत हुआ है। इस तरह की इमारतों का निर्माण प्राधिकरण से ले आउट प्लान पास कराकर ही किया जा सकता है। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो इससे एक्ट प्रभावित होता है।
प्राधिकरण की टीम बिल्डिंग को सील करने गई थी, लेकिन बिल्डर की तरफ से अदालती मामला बताया गया। इसको ध्यान में रख प्रोजेक्ट साइट को सील न कर खाली कराने का निर्णय लिया गया। सोमवार तक बिल्डर से जवाब मांगा गया है।
- बीके सिंह, परियोजना अभियंता, नोएडा
कब्जा विवादः गढ़वाल भवन में तोड़फोड़
दिल्ली के मंदिर मार्ग इलाके में शनिवार शाम उत्तराखंड के सैकड़ों लोगों ने गढ़वाल भवन में कब्जे को लेकर तोड़फोड़ की। मंदिर मार्ग थाना पुलिस ने भवन के शीशे तोड़े जाने पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, प्रदर्शनकारी पुरुषों व महिलाओं ने पुलिस पर धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया है।
नई दिल्ली के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एसबीएस त्यागी ने बताया कि पचकुइयां रोड पर गढ़वाल भवन है। इसकी देखभाल गढ़वाल हितैषिणी सभा करती है। यहां धरने पर बैठे कुछ लोगों ने दोपहर को भवन के शीशे तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की। उन्होंने लोगों को शांत करवाकर कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस पर पुलिस कुछ नहीं कर सकती।
उधर, सभा के अध्यक्ष गंभीर सिंह नेगी का आरोप है कि प्रथम तल को रवि कुमार को वर्ष 1998 में किराये पर दिया गया था। रवि यहां कपडों की सेल लगाता है। भवन की दूसरी मंजिल पर लाइब्रेरी है। उसने सीढ़ियों पर कब्जा करके सामान रखा हुआ है। वह न किराया देता है और न ही भवन खाली कर रहा है।
मामला तीस हजारी कोर्ट में चल रहा है। सीढ़ियों पर कब्जे हटाने को लेकर उत्तराखंड के सैकड़ों लोग 13 सितंबर से भवन परिसर में धरने पर बैठे हुए हैं। समर्थन में गढ़वाल की कई संस्थाएं भी आई हैं। राज्यसभा सांसद शनिवार को समर्थन में भवन पहुंचे।