लगातार 104 घंटे पियानो बजा बनाया विश्व रिकॉर्ड
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दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) का नाम विश्व रिकॉर्ड बनाने में शामिल हो गया। डीयू के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स का एक छात्र लगातार पियानो बजाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया।
पियानो बजाने का विश्व रिकॉर्ड 103 घंटे 8 सेकेंड का है, जिसे बृहस्पतिवार आधी रात के बाद बीकॉम के छात्र ने 104 घंटे पियानो बजाकर तोड़ दिया। इसके लिए बीते 11 अक्तूबर से छात्रों व शिक्षकों की टीम रिकॉर्डिंग कर रही है। ऑब्जर्वर के रूप में बाहर से भी दो लोगों की टीम बुलाई गई है।
एसआरसीसी में बीकॉम तृतीय वर्ष के छात्र मृत्युंजय शर्मा इससे पहले मार्च में लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। 11 अक्तूबर से मृत्युंजय लगातार पियानो बजा रहे हैं।
अब तक पोलैंड के नाम था ये रिकॉर्ड
उनका लक्ष्य 18 अक्तूबर तक पियानो बजाकर एक रिकॉर्ड सेट करने का है। अब तक पियानो बजाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड पोलेंड के रोमुऑल्ड कोपरसकी के नाम 103 घंटे आठ सेकेंड का है।
मत्युंजय ने बृहस्पतिवार आधी रात एक बजे के बाद 104 घंटे बजाने का टारगेट हासिल कर लिया। रिकॉर्ड बनने के बाद भी वह 18 अक्तूबर तक पियानो बजाना जारी रखेंगे। 18 अक्तूबर तक वह 155 घंटे के रिकॉर्ड तक पहुंच जाएंगे।
कॉलेज प्रिंसिपल अशोक सहगल ने बताया कि मृत्युंजय की उपलब्धि पर कॉलेज के साथ-साथ डीयू का नाम भी रोशन हुआ है। यह छात्र की लगन है कि वह इस मुकाम तक पहुंचा है। उनकी इस लगन को देखते हुए कॉलेज भी हर कदम पर उसका साथ दे रहा है।
मृत्युंजय को मैग्ससे विजेता अंशु गुप्ता से भी सहयोग मिल रहा
मृत्युंजय की टीचर इंचार्ज अरुणा झा ने बताया कि जब उन्होंने पियानो का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की इच्छा जताई तब कॉलेज से लेकर कॉलेज के एल्युमिनाई एक साथ खड़े हो गए। मृत्युंजय एक मध्यमवर्गीय परिवार से है।
कई एल्युमिनी के कारण छह लाख का फंड एकत्र हो गया। वर्ष 1964 बैच केएक एल्युमिनी ने उन्हें पियानो दिया तो वहीं कॉलेज के चेयरमैन अजय श्रीराम की ओर से उन्हें एक लाख रुपये का सहयोग मिला है।
जिस सभागार में मृत्युंजय वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने जा रहा है वहां का नवीनीकरण होना था जिसे अजय श्रीराम ने फिलहाल रोक दिया है। मृत्युंजय को मैग्ससे विजेता अंशु गुप्ता से भी सहयोग मिल रहा है।
उन्होंने अपनी पुरस्कार राशि में से कुछ हिस्सा मृत्युंजय को भी दिया है। उनके इस सपने को आगे बढ़ाने के लिए उनका एनजीओ गूंज भी मदद करेगा।