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Dehradun News: अधिवेशन में पारित हुए तीन प्रस्ताव, फीस नियंत्रित करने की उठी मांग
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- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दो दिवसीय प्रांत अधिवेशन का समापन
माई सिटी रिपोर्टर
देहरादून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) उत्तराखंड के दो दिवसीय प्रांत अधिवेशन का रविवार को समापन हो गया। आखिरी दिन राज्य के शिक्षा, सतत विकास और वर्तमान परिदृश्य से जुड़े तीन प्रस्ताव पारित किए गए। साथ ही एमबीबीएस की फीस को उत्तर प्रदेश व हिमाचल प्रदेश के समान करने, शोध छात्रवृत्ति बढ़ाने और निजी मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेजों की फीस नियंत्रित करने की मांग भी उठाई। वहीं सतत विकास और राज्य के वर्तमान परिदृश्य पर प्रस्तावों में पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जेपी भट्ट ने कहा कि प्रस्तावों को राज्य सरकार को क्रियान्वयन के लिए भेजा जाएगा और संगठन इस पर निरंतर निगरानी रखेगा। अधिवेशन में प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार भी किया गया। नए पदाधिकारियों को शामिल कर संगठन की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ बनाया गया। एबीवीपी ने सरकार से उम्मीद जताई कि प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्रवाई होगी, जिससे प्रदेश के शिक्षा और विकास क्षेत्रों में ठोस सुधार हो सके। इस दौरान संगठन के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
देहरादून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) उत्तराखंड के दो दिवसीय प्रांत अधिवेशन का रविवार को समापन हो गया। आखिरी दिन राज्य के शिक्षा, सतत विकास और वर्तमान परिदृश्य से जुड़े तीन प्रस्ताव पारित किए गए। साथ ही एमबीबीएस की फीस को उत्तर प्रदेश व हिमाचल प्रदेश के समान करने, शोध छात्रवृत्ति बढ़ाने और निजी मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेजों की फीस नियंत्रित करने की मांग भी उठाई। वहीं सतत विकास और राज्य के वर्तमान परिदृश्य पर प्रस्तावों में पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जेपी भट्ट ने कहा कि प्रस्तावों को राज्य सरकार को क्रियान्वयन के लिए भेजा जाएगा और संगठन इस पर निरंतर निगरानी रखेगा। अधिवेशन में प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार भी किया गया। नए पदाधिकारियों को शामिल कर संगठन की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ बनाया गया। एबीवीपी ने सरकार से उम्मीद जताई कि प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्रवाई होगी, जिससे प्रदेश के शिक्षा और विकास क्षेत्रों में ठोस सुधार हो सके। इस दौरान संगठन के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।