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रहस्य और रोमांच से भरपूर हैं ये ट्रैकिंग रूट

Thu, 12 Apr 2018 12:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 12 Apr 2018 12:21 PM IST
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The journey of these pedestrian paths will be remembered throughout life
tracking route - फोटो : file photo
नीला आकाश, घने जंगल और झीलों और झरनों का अनूठा संसार देखना है तो इन गर्मियों में उत्तराखंड चले आइये। यहां ऐसे ट्रैकिंग रूट हैं, जो रहस्य और रोमांच से भरपूर हैं। इन रास्तों से सैर करने का अपना ही आनंद है।
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केदारनाथ का नया मार्ग
जो यात्री 2013 की आपदा के बाद पहली बार केदारनाथ की यात्रा पर आएंगे, उनके लिए वहां पैदल पहुंचना कुछ ज्यादा ही रोमांचकारी होगा। आपदा में पुराना मार्ग खत्म हो गया था। करीब 16 किमी लंबे नया पैदल मार्ग रामबाड़ा में पुल  बनाकर तैयार किया गया है जो लिंचोली से होते केदारनाथ तक जाता है।
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ब्रहमकमल और अनूठी झील
केदारनाथ धाम से 8 किमी के फासले पर एक अनूठी झील है। हर ओर ब्रहम कमल और झील में झिलमिल करता आसमान रोमांच पैदा करता है। यहां पहुंचने के लिए पहले 6 किमी की चढ़ाई चढ़नी पड़ती है और उसके बाद करीब दो किमी की ढलान है। तकरीबन साढ़े 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मार्ग पर एक दिन आना जाना किया जा सकता है।
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हरियाली और रास्ता
केदारनाथ तक पहुंचने का एक वैकल्पिक रास्ता भी है। यह रास्ता शेरसी से आरंभ होता है और त्रिजुगीनारायण तक जाता है। झंडीटाप से होते हुए खोली और त्रिजुगीखर्क तक पहुंचता है। केदारनाथ से त्रिजुगीनारायण का यह पैदल मार्ग करीब 22 किमी लंबा है।

बादलों को छूने का एहसास
चोपता से तुंगनाथ मंदिर तक की पैदल यात्रा बेहद रोमांचकारी और अनूठी है। एक ओर सर्पीला चौड़ा मार्ग और दूसरी ओर दूर तक फैली पहाड़ियां। पहाड़ियों पर तैरते बादल जिन्हें छू लेने का रोमांचकारी एहसास होता है। इस रूट पर जैवविविधता का ऐसा अनूठा संसार है कि जिसके दीदार से सम्मोहन हो जाता है। मखमली घास के बुग्याल, देवदार के घने जंगलों के बीच से जब आप गुजरते हैं तो एक अलग लोक की अनुभूति होती है।


मिनी वैली ऑफ फ्लावर
केदारघाटी के रांसी गांव से इस ट्रैक की शुरुआत होती है। मनणी बुग्याल को मिनी वैली ऑफ फ्लावर भी कहा जाता है। फूलों की घाटी की तरह यहां भी सैकड़ों दुर्लभ प्रजाति के फूल हैं।


 
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