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स्कूलों में नहीं हो रहे शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापित, ब्रिज कोर्स के नाम उत्पीड़न

Tue, 14 Nov 2017 03:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 14 Nov 2017 03:30 PM IST
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teachers documents not verified in schools
Teacher

स्कूलों में शिक्षकों के प्रमाण पत्रों को सत्यापित नहीं किया जा रहा है। वहीं, कई स्कूलों में शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापित करने के नाम पर पैसे भी वसूले जा रहे हैं। कुछ प्राइवेट स्कूल तो इसके लिए शिक्षकों की एक माह की तनख्वाह तक मांग रहे हैं। डीएलएड और ब्रिज कोर्स के नाम पर कई प्राइवेट स्कूलों में शिक्षकों का शोषण किया जा रहा है।

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दरअसल केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक सभी 2019 से पहले सभी अनट्रेंड शिक्षकों को डीएलएड या ब्रिज कोर्स करना आवश्यक है। इसमें मौजूदा समय में पढ़ा रहे शिक्षक भी शामिल हैं। सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे अनट्रेंड शिक्षकों के लिए भी यह व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है।
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शिक्षकों के कोर्स के लिए सरकार ने अलग से इंतजाम भी किए हैं। प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों को अपने प्रमाण पत्र और पढ़ाने के सुबूत प्रबंधन से सत्यापित करवाने हैं। हालांकि उनके लिए यह खासा मुश्किल साबित हो रहा है। कई प्राइवेट स्कूल शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं कर रहे हैं। दूसरी ओर कुछ स्कूलों में शिक्षकों से दस्तावेज सत्यापित कराने की एवज में शुल्क वसूला जा रहा है।
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प्राइवेट स्कूलों के कुछ शिक्षकों ने अपने स्कूलों पर एक माह की तनख्वाह तक मांगने का आरोप लगाया है। नाम न छापने की शर्त पर एक शिक्षिका ने बताया कि नेहरू कॉलोनी क्षेत्र का एक स्कूल शिक्षकों पर दस्तावेज सत्यापित करने के लिए एक माह की तनख्वाह देने का दबाव बना रहा है। आवेदन के लिए समय कम बचने के चलते शिक्षकों के सामने परेशानी बढ़ गई है।

अपना शिक्षक नहीं दिखाना चाहते स्कूल
कई स्कूल दस्तावेजों का सत्यापन करने से इसलिए भी इनकार कर रहे हैं क्योंकि वह संबंधित प्रतिभागी को अपना शिक्षक नहीं दिखाना चाहते। कई प्राइवेट स्कूलों में बहुत कम वेतन पर अनट्रेंड शिक्षक काम कर रहे हैं। ट्रेंड होने के


बाद वह नौकरी करेंगे तो स्कूल को उनका ब्योरा देना होगा। साथ ही तय वेतनमान भी देना होगा। स्कूल इससे बचने के लिए शिक्षकों को न तो किसी तरह के दस्तावेज दे रहे हैं और न ही उनके दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं।

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