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शिक्षकों के फर्जी प्रमाण पत्र जुटाने में खूब बेलने पड़े पापड़
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 16 Sep 2017 03:12 PM IST
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एसआईटी जांच शुरू
- फोटो : demo pic
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शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाण पत्रों से नियुक्तियों के मामले में एसआईटी को शिक्षकों के प्रमाण पत्र जुटाने में खूब पापड़ बेलने पड़े। एसआईटी जांच शुरू हुए दो माह से अधिक हो चुका है, मगर हरिद्वार और अल्मोड़ा के शिक्षाधिकारी संबंधित शिक्षकों का एक भी प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं करा पाए हैं।
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एक-दो जिलों की बात छोड़ दें तो अन्य को नोटिस के अलावा रिमांडर पर रिमांडर भेजने पड़े हैं। इस पर भी असर नहीं पड़ा तो शिक्षा सचिव को हस्तक्षेप कर शिक्षाधिकारियों के पेंच कसने पड़े। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और शिक्षामंत्री अरविन्द पांडे की सख्ती के बाद एसआईटी का काम अब कुछ आसाना होता जा रहा है।
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शासन ने शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाण पत्रों से नियुक्तियों के मामले में 13 जुलाई को सीबीसीआईडी की अपर पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे की अगुवाई में एसआईटी गठित की थी। बेसिक और माध्यमिक के करीब 225 शिक्षकों की शिकायत मिली थी। पहले चरण में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन का लक्ष्य रखा गया है। इसी कड़ी में प्रदेश के 13 जिलों के शिक्षाधिकारियों से 2014 और 2016 में भर्ती हुए शिक्षकों के प्रमाण पत्र तलब किए थे।
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शुरूआती दौर में विभागीय अधिकारियों ने एसआईटी को बेहद हल्के में लिया। यही नहीं जांच को विधानसभा चुनाव आचार संहिता से छह माह पहले तक कें द्रिंत करने की भरसक कोशिश की थी। पहले तो एसआईटी टीम ने शिक्षाधिकारियों से व्यक्तिगत संपर्क किया था। इसके बाद भी प्रमाण पत्र नहीं मिले तो रिमांडर भेजने शुरू किए। उत्तरकाशी, पौड़ी और चमोली ने अपने तमाम शिक्षकों के प्रमाण पत्र थमा दिए। सबसे ज्यादा दिक्कत हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर और अल्मोड़ा को लेकर हुई। एसआईटी को हरिद्वार के शिक्षाधिकारी को 91 सीआरपीसी के तहत नोटिस तक देना पड़ा।
बात तब भी नहीं बनी तो एसआईटी प्रभारी ने शिक्षा सचिव से बात की। अब जाकर हरिद्वार के जिला शिक्षाधिकारी ब्रह्मपाल सैनी को लिखना पड़ा कि कतिपय अध्यापक अपने निवास और विद्यालय से फरार हैं। जाहिर है कि विभाग के पास इन 50 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का कोई रिकार्ड नहीं है। शिक्षकाें द्वारा प्रमाण पत्र उपलब्ध न कराने के कारण विभागीय अधिकारी बेबस नजर आ रहे हैं।
पहले चरण में 275 प्रमाण पत्रों का सत्यापन
एसआईटी ने पहले चरण में 275 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रमाण पत्रों को सत्यापन के लिए श्रीनगर गढ़वाल यूनिवर्सिटी, उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड रामनगर, यूपी बोर्ड इलाहाबाद, चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, सीबीएसई को भेजा गया है। सबसे ज्यादा 50 के करीब प्रमाण पत्र श्रीनगर गढ़वाल यूनिवर्सिटी को भेजे हैं। भोज यूनिवर्सिटी मध्य प्रदेश, महाराष्ट और राजस्थान की यूनिवर्सिटी को ई-मेल भेजकर प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसके अलावा जाति और मूल निवास प्रमाण पत्रों के सत्यापन को रिपोर्ट संबधित जिलाधिकारियों को भेजी गई है। अब एसआईटी को उनकी सत्यापन रिपोर्ट का इंतजार है।
225 के करीब शिक्षकों की शिकायत
एसआईटी को करीब 225 शिक्षकों की शिकायत मिली है। इनमें इंटर कॉलेज के टीचर भी शामिल हैं। एसआईटी ने पहले बेसिक शिक्षा विभाग के 109 शिकायतों का लिया संज्ञान लिया है।
कहां कितनी शिकायतों का संज्ञान
देहरादून-15
हरिद्वार-50
पौड़ी -16
टिहरी-05
नैनीताल-02
ऊधमसिंह नगर-21
कहां से कितने शिक्षकों के आए प्रमाणपत्र
जिला प्रमाण पत्र
देहरादून 300
उत्तरकाशी 225
टिहरी 254
पौड़ी 400
चमोली 346
रुद्रपुर 600
नैनीताल 85
ऊधमसिंह नगर 100
चंपावत 130
पिथौरागढ़ 34
बागेश्वर 20
हरिद्वार शून्य
अल्मोड़ा शून्य