छात्रा ने कॉलेज डीन और चार प्रोफेसरों पर लगाया उत्पीड़न का आरोप, एसआईटी ने संस्थान में डाला डेरा
रुड़की के एक उच्च शिक्षण संस्थान की छात्रा की ओर से संस्थान के प्रोफेसर, डीन और निदेशक पर लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए दिनभर एसआईटी की टीम ने संस्थान में डेरा डाले रखा।
इस दौरान टीम ने तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाली। वहीं पत्रावलियों की जांच कर साक्ष्य जुटाए। एसआईटी ने कई घंटे प्रोफेसरों और छात्रों से भी पूछताछ की। उम्मीद की जा रही है कि बुधवार की शाम तक एसआईटी किसी नतीजे पर पहुंच जाएगी।
गौरतलब है कि रुड़की स्थित एक उच्च शिक्षण संस्थान की छात्रा की ओर से पिछले दिनों सिविल लाइंस कोतवाली में तहरीर दी गई थी। इसमें छात्रा ने एक डीन, चार प्रोफेसर और दो छात्रों समेत संस्थान निदेशक पर उसके उत्पीड़न करने तथा जातीय आधारित भेदभाव करने का आरोप लगाया था।
मामले में एसएसपी रिधिम अग्रवाल ने सीओ कनखल एसके सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। वहीं विगत सोमवार को कोतवाली पहुंची छात्रा और उसके परिजनों के समर्थन में उतरे भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली का घेराव किया था।
रात बारह बजे संस्थान गेट पर पहुंचे भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष
शाम पांच बजे बामुश्किल कार्यकर्ताओं का धरना समाप्त कराया गया था। साथ ही आश्वासन दिया था कि एसआईटी जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को एसआईटी ने संस्थान पहुंचकर दस्तावेज खंगाले।
साथ ही प्रोफेसरों तथा छात्रों के बयान दर्ज किए। बताया गया है कि टीम ने सीसी फुटेज की भी जांच की है। एसएसपी रिधिम अग्रवाल ने बताया कि जांच तेजी से चल रही है। एसआईटी ने संस्थान पहुंचकर काफी काम पूरा कर लिया है। बुधवार शाम तक रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दिनभर कोतवाली में चले भीम आर्मी के धरने के बाद उस समय पुलिस और खुफिया विभाग की दिक्कतें बढ़ गईं, जब भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष रात करीब 12 बजे संस्थान के गेट पर पहुंच गए। बताया गया है कि देर रात तक चली एसआईटी जांच की सूचना मिलने पर भीम आर्मी के कार्यकर्ता संस्थान के अंदर पहुंचकर कार्रवाई के बाबत जानकारी लेना चाह रहे थे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें गेट पर रोक दिया। साथ ही कहा कि एसआईटी अपने तरीके से काम कर रही है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। इसके बाद भीम आर्मी कार्यकर्ता लौट गए।