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अब नदियों में नहीं गिरेगी गंदगी
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 04 Oct 2017 03:48 PM IST
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rispana river
- फोटो : amarujala
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गंगोत्री धाम, देवप्रयाग में अब सीवर की गंदगी गंगा, अलकनंदा और भागीरथी नदी में नहीं जाएगी। पेयजल निगम की ओर से गंगोत्री धाम में एक और देवप्रयाग में दो एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाए गए हैं।
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निर्माण कार्य पूरा होने के बाद निगम ने सीवर कनेक्शन जोड़ने के लिए जल संस्थान को पत्र भेज दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही कनेक्शन जोड़ने के बाद एसटीपी शुरू हो जाएंगे और गंदगी नदियों में न जाने से नदियां स्वच्छ रहेगी।
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पेयजल निगम के प्रबंध निदेशक भजन सिंह ने बताया कि गंगोत्री धाम समेत आसपास की 25 हजार की आबादी के लिए 10 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से दस लाख लीटर क्षमता का एसटीपी तैयार किया गया है। साथ ही 2 किमी 16 मीटर की लाइन भी यहां बिछाई गई है।
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10 करोड़ 48 लाख में से दो करोड़ 19 लाख एसटीपी की मरम्मत कीमत है, जो कि जल संस्थान को पांच साल के लिए दिए जाएंगे। एसटीपी हैंडओवर होने के बाद इसकी मरम्मत आदि की जिम्मेदारी संस्थान की ही होगी। इसके साथ ही अलकनंदा और भागीरथी नदी के संगम स्थल देवप्रयाग के लिए भी पेयजल निगम ने दो एसटीपी बनाए हैं। जिनकी लागत 7 करोड़ 26 लाख रुपये है।
इसमें करीब पांच किमी सीवर लाइन भी बिछाई गई है। इनमें से एक 23 हजार लीटर और दूसरा 14 लाख लीटर का एसटीपी है। बताया कि जल संस्थान को इन एसटीपी से कनेक्शन जोड़ने के लिए पत्र भेज दिया गया है। जल्द ही उनसे इस संबंध में वार्ता भी कर ली जाएगी ताकि जल्द से जल्द नदियों को सीवर की गंदगी से प्रदूषित होने से रोका जा सके।