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रोहिंग्या मुसलमानों पर अत्याचार के विरोध में उत्तराखंड में भी आवाज बुलंद
ब्यूरो/अमर उजाला, मंगलौर
Updated Mon, 18 Sep 2017 10:57 PM IST
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तंजीम एइम्मा ए मसाजिद की ओर से म्यांमार के रोहिंग्या मुस्लिमों पर हो रहे जुल्म के खिलाफ जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया । बाद में कोतवाली पहुंच कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें यूएन से हस्तक्षेप करने की मांग की गयी।
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सोमवार को नगर के धार्मिक संगठन ‘तंजीम एइम्मा ए मसाजिद’ ने म्यांमार मे रोहिंग्या मुस्लिमों पर अत्याचार करने व बड़ी संख्या में उनके पलायन पर रैली निकाल कर अपना विरोध जताया। रैली नगर के पालिका चौक से शुरू हुई जहां से बस स्टैंड व राष्ट्रीय राजमार्ग होते हुए कोतवाली पहुंची। कोतवाली पहुंचकर नगर के मदरसे तुल मोमिनीन के प्रबंधक मुफ्ती मासूम अली कासमी ने कहा कि रोहिंग्या मुस्लिमों पर हो रहे जुल्म नाकाबिले बर्दाश्त है।
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इसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर हस्तक्षेप कर अत्याचार को बंद करवाना चाहिए। इसके बाद भारत के राष्ट्रपति, संयुक्त राष्ट्र संघ व म्यांमार की सरकार से संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया और रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों को बंद कराने की मांग की । रैली में हाफिज मुर्सलीन, मौलाना अब्दुल सत्तार, मुफ्ती राशिद कारी, नसीम आदि मौजूद थे।
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