भाजपा के वरिष्ठ नेता के बेटे ने थामा कांग्रेस का हाथ, बोले-मुझ पर है पिताजी का आशीर्वाद
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भारतीय जनता पार्टी सांसद जनरल बीसी खंडूड़ी के बेटे मनीष खंडूड़ी ने कहा कि उन्हें पिताजी का आशीर्वाद प्राप्त है। ऐसा कहकर उन्होंने ये संकेत देने की भी कोशिश की कि राजनीति पिता-पुत्र के रिश्तों में दीवार नहीं बनेगी।
उधर, जनरल बीसी खंडूड़ी का कहना है कि मनीष की अपनी स्वतंत्रता है। वह जो करना चाहता है मैं उसे बाध्य नहीं कर सकता। वह वैसे भी भजपा के सदस्य नहीं हैं। कांग्रेस में जाना मनीष का खुद का निर्णय है।
सियासी जानकारों की मानें तो उत्तराखंड की राजनीति में यह पहली घटना है कि एक ही परिवार से पिता और पुत्र एक ही समय में अलग-अलग राजनीति दलों में उपस्थित हैं। शनिवार को परेड ग्राउंड में आयोजित राहुल गांधी की जनसभा में राजनीति में पहली बार कदम रखने वाले मनीष खंडूड़ी को खास तरजीह मिली।
राहुल गांधी ने उनका कई बार नाम लिया और आगे आने को कहा। जनसभा में मनीष को धन्यवाद प्रस्ताव पढ़ने का भी अवसर प्राप्त हुआ। अपने छोटे से संबोधन में जब वे जनसभा में उपस्थित कांग्रेसजनों से मुखातिब हुए तो उनका काफी गर्मजोशी से स्वागत हुआ।
मनीष ने अपने उद्बोधन में सबसे पहले उस प्रश्न का जवाब दिया, उनके कांग्रेस में शामिल होने से भाजपा सांसद पिता जनरल खंडूड़ी को लेकर लोगों के अंतर्मन में उठ रहा था? उन्होंने कहा, ‘मैंने कांग्रेस में शामिल होने के संबंध में पिता से यह प्रश्न पूछा था कि क्या वे मुझे अपना आशीर्वाद देंगे? इस पर पिताजी ने मुझसे दो प्रश्न किए।'
क्या तुम सच्चाई के मार्ग पर चल सकते हो? उन्होंने मुझसे यह भी पूछा कि क्या तुम निडर होकर अपना काम कर सकते हो? दोनों ही प्रश्नों पर जब मैंने हां कहा तो उनका जवाब था कि मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ है।
मनीष खंडूड़ी भाजपा के सदस्य नहीं है। वे किसी भी पार्टी में जाने को स्वतंत्र हैं। खंडूड़ी जी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे भाजपा के सच्चे सिपाही हैं। वे अस्वस्थ हैं। इसलिए उन्होंने चुनाव लड़ने में अनिच्छा जाहिर की है। वे कह चुके हैं कि भाजपा को जहां जरूरत पड़ेगी, तो वे चुनाव प्रचार में भी आएंगे।
-अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा