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जाने कहां चली गयी निगम की छह हजार बीघा जमीन
सुनीत द्विवेदी / अमर उजाला,देहरादून
Updated Sat, 23 Sep 2017 12:07 PM IST
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देहरादून नगर निगम की छह हजार बीघा जमीन भू-माफिया ने हथिया ली है। गठन के दौरान नगर निगम के पास सात हजार बीघा जमीन थी लेकिन शहर के विभिन्न वार्डों में स्थित करीब छह हजार बीघा जमीन ‘गायब’ हो चुकी है।
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वर्तमान में करीब 1000 बीघा जमीन ही निगम के कब्जे में है। बची हुई जमीन पर भी अवैध कब्जे के लिए कुछ लोगों ने निगाहें लगा रखी हैं। जमीन पर अवैध कब्जे कराने में अधिकारियों की भी अहम भूमिका बताई जा रही है।
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अगर समय रहते अधिकारी कार्ययोजना बनाते तो छह हजार बीघा पर अवैध कब्जा न होता। पिछले साल हुई बोर्ड की मीटिंग में भी नगर निगम फंड से डिजिटल सर्वे कराने का प्रस्ताव पास हुआ था। इसके लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्य नहीं हुआ।
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ऐसे में निगम की बची हुई जमीन पर भी कब्जे इंकार नहीं किया सकता है। कई बार पार्षद भी अधिकारियों से सर्वे की मांग कर चुके हैं। वहीं इसमें कुछ पार्षदों की मिलीभगत भी बताई जा रही है।
करीब दो साल पहले कारगी-देहराखास क्षेत्र में नगर निगम की 300 बीघा जमीन पर कब्जे के मामले में नगर निगम हाईकोर्ट से केस हार गया था। तब केस हारने का कारण अधिकारियों की कोर्ट में प्रभावी पैरवी न करना रहा बताया गया था। वह जमीन भी निगम के हाथ से चली गई।
वोट बैंक के चक्कर में भी नगर निगम की जमीन पर कब्जे कराए गए। पार्षदों और अधिकारियों की साठगांठ के चलते भी निगम की काफी जमीन कब्जा ली गई। लोगों ने कब्जे के खिलाफ आपत्ति भी दर्ज कराई, लेकिन निगम के अधिकारी एक्शन लेने के बजाए हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
नगर निगम के अधिकारियों ने जल्द ही इसे लेकर कोई नियम नहीं बनाया तो काफी दिक्कतें आ सकती हैं। निगम में शामिल होने वाले 67 नए गांवों में काफी संख्या में जमीन नगर निगम के हिस्से में आएगी। ऐसे में इस जमीन को कब्जे में बनाए रखना निगम के लिए बड़ी चुनौती होगी।
नगर आयुक्त रवनीत चीमा का कहना है कि मामला अभी कोट के संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो इसे दिखवाया जाएगा। निगम की जमीन पर किसी को काबिज नहीं होने दिया जाएगा।