Kotdwar: रिखणीखाल में आतंक का पर्याय बना दूसरा बाघ भी हुआ पिंजरे में कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
सोमवार को वन कर्मियों की टीम बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के लिए तैनात की गई थी। जिसके बाद देर रात गाड़ियों पुल के पास बाघ को ट्रेंकुलाइज कर लिया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोटद्वार के रिखणीखाल विकासखंड में आतंक का पर्याय बने दूसरे बाघ को भी पकड़ लिया गया है। जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। एक बाघ को 26 अप्रैल को ट्रेंकुलाइज कर लिया गया था। तब से उसका साथी दूसरा बाघ इस क्षेत्र में लगातार घूम रहा था। जिससे लोगों में दहशत का माहौल था।
डीएफओ गढ़वाल स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि सोमवार को वन कर्मियों की टीम बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के लिए तैनात की गई थी। जिसके बाद देर रात गाड़ियों पुल के पास बाघ को ट्रेंकुलाइज कर लिया गया। अब टीम ने उसे कॉर्बेट पार्क भेज दिया गया है।
Champawat: तेंदुए ने भोजनमाता को मार डाला, 100 मीटर तक घसीटकर ले गया फिर धड़ से अलग कर दिया सिर
बाघ प्रभावित इलाके के स्कूलों में 65 प्रतिशत रही उपस्थिति
रिखणीखाल ब्लॉक के बाघ प्रभावित इलाके के स्कूलों में सोमवार को 65 फीसदी बच्चे ही उपस्थित रहे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के स्कूलों में बच्चों को छोड़ने और ले जाने के लिए अभिभावक खुद लगे हुए हैं। दूरदराज के रास्तों वाले स्कूलों में बच्चों को भेजने में लोग खतरा महसूस कर रहे हैं। डल्ला और लड्वासैंण से गाडियूंपुल के पास जूनियर हाईस्कूल में बच्चे नहीं आ रहे हैं।