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भारत-पाक तनाव के बीच भारत-नेपाल सीमा पर मिला मोर्टार शेल, यहां से पकड़े जा चुके हैं दो आतंकवादी

Sat, 02 Mar 2019 10:14 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बनबसा /चंपावत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बनबसा /चंपावत Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 02 Mar 2019 10:14 AM IST
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india pakistan tension mortar found on india Nepal border
सांकेतिक तस्वीर

भारत पाक सीमा पर तनाव को देखते हुए नेपाल सीमा पर मोर्टार शेल मिलने से पुलिस के माथे पर पसीना छलक आया है। पहले के बम धमाकों के आरोपियों को नेपाल सीमा पर ही पकड़ा गया था। शेल का कबाड़ में मिलना भी पुलिस को पुरानी घटनाओं की याद दिला रहा है। यह शेल भी ऐसे समय में मिला है जब सीमा पर अतिरिक्त रूप से चौकसी बरती जा रही है। 

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शुक्रवार को बनबसा में एक रिक्शा चालक को कबाड़ बीनते समय मोर्टार शेल मिला था। यह शेल 81 मोर्टार का है। पुलिस के अनुसार इस शेल का उपयोग करने वाला मोर्टार लांचर लाइट वेट है और कंधे पर रखकर इससे शेल को दागा जा सकता है। 14 फरवरी 2018 को यहीं सीमा पर दिल्ली पुलिस ने इंडियन मुजाहिद्दीन के आरिज खान उर्फ जुनेद को पकड़ा था।
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विस्फोटकों को भारत में लाने के लिए पहले भी नेपाल सीमा का इस्तेमाल होता रहा है

15 लाख के इनामी जुनेद का हाथ 2008 में दिल्ली के बटला हाउस बम धमाकों में माना जाता है। पुलिस को दिल्ली के अलावा राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश की इसी तरह की घटनाओं को लेकर भी जुनेद की तलाश थी। इसी तरह 17 अगस्त 2013 को पुलिस ने नेपाल सीमा पर ही लश्कर ए तैयबा के अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को गिरफ्तार किया था। माना जाता है कि 1993 में मुंबई के बम धमाकों में टुंडा का ही हाथ था।

खास बात यह थी कि टुंडा कपड़ों का व्यवसायी था और कबाड़ का काम भी करता था। टुंडा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कबाड़ और हथियारों के बीच के कनेक्शन का अंदाजा हुआ था। अब बनबसा में कबाड़ में शेल मिलने से ये पुरानी घटनाएं एक बार फिर से उभर कर सामने आ गईं हैं। खुफिया तंत्र की माने तो विस्फोटकों को भारत में लाने के लिए पहले भी नेपाल सीमा का इस्तेमाल होता रहा है। 

बनबसा में रिक्शा चालक को मिला मोर्टार शेल  

मुसीबत यह है कि उत्तराखंड की ही नेपाल से सटी करीब 263 किलोमीटर की सीमा है। वैसे यहां बीएसएफ की चौकसी है, फिर भी कई रास्तें हैं जिनका इस्तेमाल होता रहता है। बनबसा से टनकपुर के बीच में ही करीब तीन स्थानों पर नदी संकरी है और पानी कम होने पर आवाजाही का सुलभ माध्यम यहां बन जाता है।

कूड़ा बीनने के दौरान शुक्रवार को यहां एक रिक्शा चालक को मोर्टार शेल मिला है। पुलिस ने इसके परीक्षण के लिए सेना और अन्य संबंधित विभागों के विशेषज्ञों को बुलाया है। रिक्शा चालक बदोरन को देशी फार्म ( रेलवे क्रांसिंग) के समीप कूड़ा बीनते समय एक मोर्टार शेल मिला। कार्यवाहक थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह मनराल ने बताया कि अभी यह तय नहीं हो पाया है कि यह शेल जिंदा है या बेकार हो चुका है। इसके परीक्षण के लिए विशेषज्ञों को बुलाया गया है।

चंपावत के पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल के मुताबिक बनबसा में मोर्टार शेल मामले की गहनता से जांच की जा रही है। यह मोर्टार शेल काफी पुराना है तथा भारत का ही बना हुआ है। संभावना यह भी है कि यह शेल बाढ़ से बह कर आया हो। समीप ही सेना की फायरिंग रेंज होने से भी मोर्टार शेल के भारत में निर्मित होने की संभावना है।

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