पीजी करने वाले डॉक्टरों को मिलेगा पूरा वेतन - मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
- पीजी के बाद प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में देनी होगी डॉक्टरों को सेवाएं
- मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की घोषणा, अभी तक मिलता था आधा वेतन
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चिकित्सा शिक्षा में पीजी करने वाले डॉक्टरों को अब सरकार पूरा वेतन देगी। अभी तक पीजी के दौरान डॉक्टरों को आधा वेतन ही मिलता था। सोमवार को प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ये घोषणा की। सरकार की यह भी शर्त रहेगी कि पीजी के बाद डॉक्टरों को प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से सेवाएं देनी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 65 प्रतिशत से अधिक डॉक्टर तैनात है। दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए सरकार शत प्रतिशत डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए प्रयासरत है। पिछले दो सालों के भीतर सबसे ज्यादा डॉक्टरों की नियुक्ति की गई। सीएम ने कहा कि पीजी करने वाले डॉक्टरों को पूरा वेतन दिया जाएगा।
इससे दूरस्थ क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर होगी। वर्तमान में तीन साल तक पीजी पर डॉक्टरों को कुल वेतन का 50 प्रतिशत दिया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी का इस्तेमाल करने की जरूरत है। टेली प्रदेश में शुरू की गई टेली मेडिसिन और टेली रेडियोलॉजी सेवा को प्रभावी बनाने और सुधार के लिए डॉक्टर अपना सुझाव दें।
इससे सरकार प्रदेश भर में टेली मेडिसिन और टेली रेडियोलॉजी की सेवाएं शुरू कर सके। इस मौके पर विधायक खजान दास, नगर निगम मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव स्वास्थ्य नितेश झा, प्रभारी सचिव डॉ. पंकज पांडे, महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती, प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ. नरेश नपलच्याल, महासचिव मनोज वर्मा, पूर्व डीजी डॉ. आईएस पाल आदि मौजूद थे।
निकम्मों की निगाहों से दूर रहें
मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को नसीहत दी कि हर क्षेत्र में कुछ निकम्मे लोग होते हैं। जिनकी निगाहें अच्छा काम करने वाले की छोटी सी चूक पर रहती है। इसी चूक को बढ़ा-चढ़ा कर फैलाया जाता है। ऐसे निकम्मे लोग खुद तो कुछ करते नहीं है और जो अच्छा काम करते हैं। उनके ऊपर निगाहें रहती है। सरकारी अस्पताल भी इनकेरडार पर रहते हैं। चिकित्सक ऐसी निगाहों से दूर रहें।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले नौ डॉक्टरों को किया सम्मानित
प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर सेवाएं देने वाले नौ डॉक्टरों को सम्मानित किया। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डॉक्टरों को प्रशस्त्रि पत्र देकर सम्मानित किया।
सोमवार को सुभाष रोड स्थित एक होटल में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री ने संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ.नरेश सिंह नपलच्याल, महासचिव मनोज वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ.प्रदीप कुमार राणा, मेघना असवाल, एसएन सिंह, आशुतोष भारद्वाज, अतिरिक्त सचिव गढ़वाल रमेश कनवर, कोषाध्यक्ष पीएस रावत, संपादक दीपांकर को शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को बधाई दी। संघ के अध्यक्ष डॉ.नपलच्याल ने सरकार से डॉक्टरों को सम्मान और सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ.बीसी रमोला ने किया। कार्यक्रम में विधायक खजान दास, मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा, प्रभारी सचिव डॉ.पंकज कुमार पांडे, महानिदेशक डॉ.अमिता उप्रेती, प्रदेश के पहले डीजी डॉ.आईएस पाल, उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष डीएस रावत, डॉ.डीपी जोशी, सीएमएस केके टम्टा, डॉ.मीनाक्षी जोशी समेत कई चिकित्साधिकारी मौजूद थे।
दुर्गम क्षेत्रों में देवी-देवताओं की शरण में जा रहे लोग
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण लोग देवी-देवताओं की शरण में जा रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टर सेवाएं देने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने इस बात को दोहराया कि दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए डॉक्टरों को आगे आने की जरूरत है।
मेयर सुनील उनियाल गामा ने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। यदि सरकार डॉक्टरों की सेवानिवृत्त आयु सीमा 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दे तो इससे दूरस्थ क्षेत्रों में डॉक्टरों की सेवाएं निरंतर मिलेंगी। सेवानिवृत्त के बाद दोबारा से डॉक्टरों की सेवाएं ली जाती हैं, सेवानिवृत्त की आयु सीमा बढ़ाने से काफी दिक्कतों का समाधान हो जाएगा।
इन डॉक्टरों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया। इसमें सीएससी धौलादेवी में कार्यरत वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ.पीसी जोशी, बेरीनाग में कार्यरत डॉ.सिद्धार्थ पाटनी, सीएससी लोहाघाट में तैनात डॉ.सोनाली मंडल, चंपावत में तैनात वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट ललित मोहन, टांडा में तैनात डॉ.सम्मी उनिशा, उत्तरकाशी में तैनात डॉ.प्रेम सिंह पोखरियाल, चमोली में तैनात डॉ.एचएस बुदियाल, कर्णप्रयाग में तैनात डॉ.हरीश थपलियाल और पौड़ी में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.मेघना असवाल को प्रशस्त्रि पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं, मुख्यमंत्री ने प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ की इस पहल की सराहना की।