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किसान की मौत पर डीएम ने दिए जांच के आदेश, दस दिन में देनी होगी रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रपुर
Updated Tue, 27 Jun 2017 01:00 AM IST
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खटीमा में किसान की आत्महत्या के मामले की जांच डीएम नीरज खैरवाल ने 10 दिन में पूरी करने के आदेश दिए हैं। डीएम ने इसके लिए एसडीएम खटीमा विजयनाथ शुक्ल को जांच अधिकारी नामित किया है।
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खटीमा के कंचनपुरी गांव निवासी 46 वर्षीय रामअवतार पुत्र रामप्रसाद पर बैंकों का लाखों का कर्ज था। दो दिन पूर्व बैंक ने उसे नोटिस भेजा था। इससे चिंतित कर्ज में डूबे रामअवतार ने रविवार को फांसी लगाकर जान दे दी थी।
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रामअवतार पर एसबीआई की खटीमा शाखा से 1.97 लाख और बीओबी की नानकमत्ता शाखा 1.75 लाख का कृषि ऋण बकाया था। किसान की आत्महत्या के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम खैरवाल ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं, उन्होंने जांच के लिए एसडीएम खटीमा विजयनाथ शुक्ल को जांच अधिकारी नामित किया है। 10 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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मृतक किसान के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा मिले
पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ ने कर्ज में डूबे खटीमा के किसान द्वारा आत्महत्या पर दुख जताया। उन्होंने पीड़ित परिवार सहित दूसरे किसानों के भी कर्ज माफ कर मृतक के परिवार को एक करोड़ की आर्थिक सहायता देने की मांग प्रदेश सरकार से की है। बेहड़ ने कहा कि भाजपा के नेता किसानों की बेबसी का मजाक उड़ा रहे हैं।
इससे भाजपा का किसान विरोधी चेहरा उजागर हो गया है। कहा कि फसल का उचित दाम न मिलने से अन्नदाता मरने को मजबूर हो रहा है। देश के किसानों के साथ जो हो रहा है वह किसानों, देश के लिए भी चिंता का विषय है। इसलिए कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।