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OMG: इलाज के नाम पर अमेरिकी डॉक्टर भारत में फैला रहा नशा

Tue, 11 Aug 2015 01:53 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 11 Aug 2015 01:53 PM IST
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american doctor smuggling drug in india.

जुकाम, खांसी, घबराहट की दवाओं के सॉल्ट में रसायन मिलाकर नशा बनाने वाले तस्कर गिरोह का मास्टर माइंड एक अमेरिकी डॉक्टर निकला।

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वह अमेरिका में बैठकर अपने सहयोगियों के माध्यम से भारत में नशे का धंधा संचालित कर रहा था। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उसके तीन साथियों को तो पिछले साल ही जेल भिजवा दिया था लेकिन सरगना का अब पता चला है।

जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि तस्कर गिरोह ने साथियों के पकड़े जाने के बाद देहरादून में अपनी सारी संपत्ति बेच डाली है। इस पर प्रवर्तन निदेशालय ने नए सिरे से संपत्तियों के कागजात और तस्करों के बैंक खातों की छानबीन शुरू कर दी है।
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एजेंसियों की जांच में खुलासा हुआ है कि मूल रूप से मुंबई का रहने वाला डाक्टर विजय नशीली दवाओं की तस्करी का मास्टर माइंड है।

इस 'खेल' में है एक अमेरिकी युवती भी

american doctor smuggling drug in india.

अमेरिका में रहते हुए अपने सहयोगियों के माध्यम से उसने सेलाकुई में दवाओं को नशे में तब्दील करने का धंधा वर्ष 2012 में शुरू किया था। दवा बनाने के नाम पर उसने सेलाकुई में एक फैक्टरी ‘टेक-ओवर’ की थी।

वर्ष 2014 में मणिपुर में नशीली दवाओं की खेप नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने पकड़ी थी। इसके बाद ब्यूरो के दून स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने इसकी जांच शुरू की।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कोर्ट में केस रजिस्टर करवा कर बोर्ड आफ डायरेक्टर्स के तीन सदस्यों को जेल भिजवाया था। इसमें एक अमेरिकी युवती भी शामिल है। डॉ. विजय का मुख्य सहयोगी राजेश मोहन सालूखे बताया जाता है, जो इस वक्त जेल में है। अमेरिकी युवती को जमानत मिल गई है।

जांच एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि जैसे ही केस दर्ज हुआ। इस गिरोह से जुड़े लोगों ने हरबर्टपुर और दून के अन्य स्थानों पर अपनी संपत्तियां बेच दीं। जुलाई 2015 में प्रवर्तन निदेशालय ने इसकी जांच शुरू की है। मनी लॉंड्रिंग पकड़ने के लिए निदेशालय नए सिरे से आरोपियों के संपत्ति और देश-विदेश के बैंक खातों की जांच कर रहा है।

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